
बलरामपुर/राजपुर। राजपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत कर्रा में आयोजित शिव महापुराण कथा में शामिल होने प्रदेश के मुख्यमंत्री जी का आगमन हुआ। मुख्यमंत्री जी का स्वागत है, लेकिन यदि वे हेलीकॉप्टर के बजाय सड़क मार्ग से आते तो शायद बलरामपुर जिले में डबल इंजन सरकार के जमीनी विकास के खोखले दावों की वास्तविकता से भी रूबरू हो जाते।
बलरामपुर जिले की सबसे महत्वपूर्ण लाइफलाइन एनएच-343 की स्थिति लंबे समय से बेहद दयनीय है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं। पुल-पुलियों की हालत खराब है, बावजूद इसके पुलियों पर बने गड्ढों को भरने और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में कोई गंभीर पहल नहीं की जा रही है। बारिश के दिनों में सड़क पर कीचड़ और पानी के कारण जाम जैसी स्थिति निर्मित हो रही है तथा वाहन मिट्टी में धंस रहे हैं। जिले की प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति अब ग्रामीण क्षेत्र की मिट्टी-मुरम सड़क जैसी दिखाई देने लगी है।
नव निर्माण के नाम पर कई स्थानों पर सड़क खोदकर छोड़ दी गई है। निर्माण एजेंसियों की मनमानी पर प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। ठेकेदारों पर प्रभावी कार्रवाई और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के बजाय उन्हें खुली छूट मिली हुई है। इसका खामियाजा आम जनता, वाहन चालकों और व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है।
जिले की शिक्षा व्यवस्था भी गंभीर संकट से गुजर रही है। जिला शिक्षा अधिकारी पर करोड़ों रुपये के गबन जैसे गंभीर आरोप लगाए जाने के बावजूद अब तक पद से हटाने अथवा निष्पक्ष जांच की प्रभावी कार्रवाई नहीं होना शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। यदि भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तो इससे भ्रष्टाचार को संरक्षण मिलने का संदेश जाएगा।
इसी तरह स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति भी बेहद चिंताजनक है। जिले के अस्पतालों में आवश्यक संसाधनों, दवाइयों और जांच सुविधाओं का अभाव है। ग्रामीण क्षेत्रों में एंबुलेंस की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने के कारण गंभीर मरीजों को आज भी खाट पर अस्पताल तक लाने की मजबूरी बनी हुई है। यह स्थिति प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता और स्वास्थ्य व्यवस्था के दावों की वास्तविक तस्वीर सामने रखती है।
मुख्यमंत्री जी से आग्रह है कि धार्मिक आयोजन में शामिल होने के साथ-साथ वे बलरामपुर जिले की वास्तविक समस्याओं पर भी गंभीरता से ध्यान दें। एनएच-343 की तत्काल मरम्मत, पुल-पुलियों की सुरक्षा, निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही, शिक्षा विभाग में लगे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच तथा जिले की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ठोस एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जनता को हेलीकॉप्टर से दिखाई देने वाला विकास नहीं, बल्कि सड़क पर चलने योग्य रास्ता, अस्पताल में इलाज और स्कूल में बेहतर शिक्षा चाहिए। सरकार यदि वास्तव में जनहित के प्रति संवेदनशील है, तो उसे कागजों और दावों से बाहर निकलकर बलरामपुर जिले की जमीन पर दिखाई देने वाला विकास सुनिश्चित करना होगा।




















