
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिला मुख्यालय में मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ महिलाओं का गुस्सा खुलकर सामने आया। करीब 10 से 12 गांवों की महिलाएं रैली निकालते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और गांवों में खुलेआम बिक रही कच्ची व पक्की शराब पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस दौरान महिलाओं ने नारेबाजी कर प्रशासन के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की।
शराब के कारण घरों में बढ़ रहे झगड़े
प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि गांवों में अवैध शराब की आसान उपलब्धता से परिवारों की स्थिति बिगड़ रही है। उनके मुताबिक, शराब की लत के कारण घरों में रोज विवाद हो रहे हैं और कई लोग शराब के लिए घर से पैसे व सामान तक ले जा रहे हैं।
महिलाओं ने यह आरोप भी लगाया कि कुछ परिवारों में लाडली बहना योजना के तहत मिलने वाली राशि भी शराब पर खर्च हो रही है। इसे लेकर उन्होंने प्रशासन से केवल औपचारिक कार्रवाई नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी अभियान चलाने की मांग की।
छह पंचायतों से पहुंचीं महिलाएं, अधिकारियों पर लगाए आरोप
ज्ञापन देने पहुंचीं ममता मोरे ने बताया कि अलग-अलग पंचायतों की महिलाएं अवैध शराब बिक्री से परेशान हैं। उनका आरोप है कि छोटी किराना दुकानों और टपरियों तक में शराब बेची जा रही है।
महिलाओं का कहना है कि कई जगह शराब को घरों के आसपास गड्ढों में छिपाकर रखा जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसकी जानकारी देने के बावजूद कई बार संबंधित स्थानों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती। कुछ महिलाओं ने आबकारी अधिकारियों के व्यवहार को लेकर भी नाराजगी जताई।
कागजी कार्रवाई नहीं, जमीनी कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि केवल शिकायत दर्ज करने और निर्देश जारी करने से समस्या खत्म नहीं होगी। महिलाओं ने प्रशासन से गांवों में सक्रिय अवैध शराब के ठिकानों की पहचान कर सीधे कार्रवाई करने की मांग उठाई।
उनका कहना था कि चुनाव में जनप्रतिनिधियों को चुनने वाली जनता की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और महिलाओं की शिकायतों पर ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
पुलिस और आबकारी विभाग मिलकर करेंगे कार्रवाई
खंडवा एडीएम काशीराम बड़ोले ने बताया कि करीब 12 गांवों की महिलाएं अवैध शराब बिक्री की शिकायत लेकर पहुंची थीं। प्रशासन ने मामले की जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
एडीएम के अनुसार, पुलिस और आबकारी विभाग का संयुक्त दल बनाकर अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि महिलाओं की शिकायतों की जांच कर जल्द समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।




















