
बालाघाट : बैगा बहुल इलाकों में बच्चों की मौत के मामले ने अब प्रशासनिक स्तर पर बड़ा रूप ले लिया है। स्वास्थ्य सेवाओं और टीकाकरण व्यवस्था में कथित लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने जिला स्तर के दो अधिकारियों को उनके पद से हटा दिया है।
टीकाकरण और मलेरिया अधिकारियों पर कार्रवाई
जिला टीकाकरण अधिकारी परेश उपलव को पद से हटाकर उनकी जगह डॉ. पारितोष शुक्ला को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं जिला मलेरिया अधिकारी मनीषा जुनेजा का तबादला जबलपुर कर दिया गया है। उनके स्थान पर ब्रजेश पटेल को जिम्मेदारी दी गई है।सरकार की यह कार्रवाई बैगा बहुल क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं और टीकाकरण अभियान में सामने आई कथित लापरवाही के बाद हुई है।
डिप्टी सीएम ने गांव पहुंचकर जाना हाल
स्वास्थ्य मंत्री और उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने शनिवार को मछुरदा गांव का दौरा किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों और ग्रामीणों से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की मौत के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।उप मुख्यमंत्री ने मृत बच्चों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार मामले को गंभीरता से देख रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली है।मछुरदा के उप स्वास्थ्य केंद्र में एएनएम की व्यवस्था करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं, ताकि दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर हो सके।
बच्चों की मौत के पीछे कई कारणों की जांच
मामला बालाघाट के बिरसा विकासखंड के बैगा बहुल आदिवासी गांवों से जुड़ा है। बच्चों की मौत को लेकर अलग-अलग स्तर पर कई कारण सामने आए हैं। इनमें टीकाकरण में देरी, मलेरिया और कुपोषण जैसी स्थितियों का उल्लेख किया गया है।वहीं ICMR की रिपोर्ट में क्षेत्र में मीजल्स के प्रकोप की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। कांग्रेस की ओर से इन गांवों में 15 से अधिक बच्चों की मौत का दावा किया गया है। हालांकि मौतों की वास्तविक संख्या और कारणों को लेकर प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
नक्सल प्रभाव से बाहर आए इलाके में स्वास्थ्य व्यवस्था पर जोर
सरकार ने यह भी बताया कि संबंधित क्षेत्र हाल ही में नक्सलवाद के प्रभाव से बाहर आया है। ऐसे में अब दूरदराज के इलाकों तक सरकारी योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।




















