


रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया को लेकर नए नियम लागू कर दिए हैं। 7 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार अब शासकीय और निजी नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश निर्धारित नई व्यवस्था के तहत किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।
बीएससी नर्सिंग में प्रवेश परीक्षा अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश केवल प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होगा। वहीं, जीएनएम (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी) कोर्स में 12वीं कक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट सूची तैयार कर प्रवेश दिया जाएगा।
न्यूनतम आयु 17 वर्ष तय
नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों की न्यूनतम आयु 17 वर्ष निर्धारित की गई है। पात्रता से जुड़े अन्य नियम संबंधित अधिसूचना के अनुसार लागू रहेंगे।
निजी कॉलेजों में 40% सरकारी कोटा
सरकार ने निजी नर्सिंग कॉलेजों की सीटों के लिए भी नई व्यवस्था तय की है। कुल सीटों में से 40 प्रतिशत सीटें सरकारी कोटे के तहत भरी जाएंगी, जबकि शेष 60 प्रतिशत सीटों पर प्रबंधन (ओपन) कोटे के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा।
सरकारी कॉलेजों में कर्मचारियों के लिए आरक्षण
शासकीय नर्सिंग कॉलेजों में कुल सीटों का 20 प्रतिशत हिस्सा सेवारत कर्मचारियों के लिए आरक्षित रहेगा, ताकि कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों को उच्च शिक्षा का अवसर मिल सके।
पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन से लेकर काउंसलिंग और सीट आवंटन तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ऑनलाइन काउंसलिंग में भाग लेना होगा। सीटों का आवंटन मेरिट और लागू नियमों के आधार पर किया जाएगा।
प्रवेश प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी
राज्य सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और मेरिट आधारित होगी। इससे सरकारी और निजी दोनों संस्थानों में प्रवेश के लिए एक समान और स्पष्ट प्रणाली लागू हो सकेगी।

















