
बलरामपुर/राजपुर। बलरामपुर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुन्दीकला में कृषि विभाग से प्राप्त खाद एवं उर्वरक के वितरण में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। ग्रामीण महिला किसानों को खाद वितरण के नाम पर उनके अंगूठों के निशान लेकर फर्जी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तैयार किया गया, जबकि वास्तविक रूप से उन्हें खाद उपलब्ध नहीं कराई गई। मामले की जांच में लगभग 14.75 लाख रुपये मूल्य की खाद के गबन एवं धोखाधड़ी का खुलासा होने पर राजपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार ग्राम कुन्दीकला के ग्रामीणों द्वारा खाद वितरण में अनियमितता एवं गड़बड़ी की शिकायत की गई थी। शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच कराई गई, जिसमें प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए। जांच प्रतिवेदन के आधार पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राजपुर द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) भेजी गई, जिसके आधार पर थाना राजपुर में अपराध क्रमांक 177/2026 के तहत धारा 318(4), 336(3) एवं 3(5) बीएनएस के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
ऐसे दिया गया धोखाधड़ी को अंजाम
विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी विनोद कुमार सांडिल्य एवं दीपक कुमार सांडिल्य द्वारा कृषि विभाग से प्राप्त खाद एवं उर्वरक का वितरण करने के नाम पर ग्रामीण महिला किसानों के अंगूठों के निशान पॉश मशीन में लिए गए। महिलाओं को यह विश्वास दिलाया गया कि खाद वितरण की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जबकि वास्तविकता में उन्हें खाद नहीं दी गई।
आरोपियों ने अंगूठों के निशान के आधार पर खाद वितरण संबंधी इलेक्ट्रॉनिक डाटा तैयार कर लिया और रिकॉर्ड में खाद वितरित होना दर्शा दिया। जांच में पाया गया कि यह पूरी प्रक्रिया किसानों को धोखे में रखकर की गई, जिससे सरकारी योजना का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक नहीं पहुंच सका।
हजारों बोरी खाद का फर्जी वितरण
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों द्वारा ग्रामीण महिलाओं के नाम पर 2647 बोरी यूरिया तथा 570 बोरी डीएपी खाद के वितरण की इलेक्ट्रॉनिक प्रविष्टियां दर्ज की गईं। हालांकि जांच में यह पाया गया कि इतनी बड़ी मात्रा में खाद का वास्तविक वितरण नहीं किया गया था।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने फर्जी एवं कूटरचित इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तैयार कर सरकारी खाद को किसानों तक पहुंचने से रोक दिया तथा उससे आर्थिक लाभ अर्जित किया। इस धोखाधड़ी के कारण ग्रामीण महिला किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा और उन्हें कृषि कार्य के लिए आवश्यक खाद नहीं मिल सकी।
तीसरे आरोपी की भूमिका भी सामने आई
विवेचना के दौरान पुलिस को विकास कुमार अग्रवाल की भूमिका से संबंधित भी महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुए। जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी विकास अग्रवाल ने मुख्य आरोपियों को अपराध में सहयोग किया। पुलिस ने मेमोरेंडम कथनों, दस्तावेजी साक्ष्यों एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी संलिप्तता स्थापित होने पर उसे भी गिरफ्तार किया गया।
14.75 लाख रुपये की आर्थिक क्षति
पुलिस जांच के अनुसार धोखाधड़ी में 2647 बोरी यूरिया की कीमत ₹7,05,425.50 तथा 570 बोरी डीएपी खाद की कीमत ₹7,69,500.00 कुल मिलाकर ₹14,74,925.50 (लगभग 14.75 लाख रुपये) की आर्थिक क्षति सामने आई है।
गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजने की कार्रवाई
पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर 1. विनोद कुमार सांडिल्य, उम्र 28 वर्ष, निवासी ग्राम कुन्दीकला, थाना राजपुर,2. दीपक कुमार सांडिल्य, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम कुन्दीकला, थाना राजपुर,3. विकास कुमार अग्रवाल, उम्र 40 वर्ष, निवासी राजपुर तीनों आरोपियों को 13 अगस्त 2026 को क्रमशः शाम 6:30 बजे, 6:40 बजे एवं 7:00 बजे गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की सूचना आरोपियों के परिजनों को विधिवत दी गई। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक रिमांड की मांग की गई है।मामले की जांच अभी जारी है तथा खाद वितरण से जुड़े अन्य दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड एवं संभावित अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।











