

अम्बिकेश गुप्ता
बलरामपुर/कुसमी। जनपद पंचायत कुसमी में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के प्रभारी पद पर की गई पदस्थापना को लेकर छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज ने आपत्ति जताई है। छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के जिलाध्यक्ष बसंत कुजूर ने सरगुजा संभाग आयुक्त को लिखित शिकायत सौंपकर पदस्थापना को नियम विरुद्ध बताते हुए तत्काल निरस्त करने और संबंधित अधिकारी को उनके मूल पद पर वापस भेजने की मांग की है।

कलेक्टर बलरामपुर-रामानुजगंज द्वारा 31 जुलाई 2026 को जारी आदेश में मुन्ना लाल धुर्वे, प्रभारी क्षेत्र संयोजक, कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज को प्रशासनिक व्यवस्था के तहत प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत कुसमी के पद पर आगामी आदेश तक कार्य करने के लिए पदस्थ किया गया है। आदेश में इसे तत्काल प्रभावशील बताया गया है।

इसी पदस्थापना को लेकर सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष बसंत कुजूर ने 13 अगस्त 2026 को संभाग आयुक्त को शिकायत भेजी है। शिकायत में उन्होंने कहा है कि जनपद पंचायत के सीईओ का पद महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद है और इसकी नियुक्ति अथवा पदस्थापना निर्धारित नियमों एवं सक्षम प्राधिकारी के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत ही होनी चाहिए।
नियमों का हवाला देकर उठाई आपत्ति..
बसंत कुजूर ने अपनी शिकायत में छत्तीसगढ़ पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 72 सहित शासन द्वारा जारी सेवा नियमों का हवाला देते हुए पदस्थापना की वैधानिकता पर सवाल उठाया है। उन्होंने दावा किया है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत आने वाले प्रशासनिक पद पर पदस्थापना के लिए निर्धारित पात्रता और सेवा नियमों का पालन आवश्यक है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रधान पाठक स्कूल शिक्षा विभाग का तृतीय श्रेणी का पद है। ऐसे पद पर कार्यरत अधिकारी/कर्मचारी को पंचायत विभाग में सीईओ जैसे प्रशासनिक पद पर पदस्थ करने के संबंध में कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं होने का दावा करते हुए जिलाध्यक्ष ने मामले की जांच की मांग की है।

पदस्थापना तत्काल निरस्त कर मूल पद पर भेजें..
सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष बसंत कुजूर ने संभाग आयुक्त से मांग की है कि कुसमी जनपद पंचायत में की गई विवादित पदस्थापना की जांच कर प्रधान पाठक को सीईओ के पद से तत्काल हटाकर उनके मूल पद पर वापस भेजने का आदेश जारी किया जाए।
साथ ही उन्होंने कथित अनियमित पदस्थापना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई करने तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को सीईओ पद के लिए नियमों के अनुरूप योग्य अधिकारी की पदस्थापना करने के निर्देश देने की मांग की है।











