रायपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में नक्सलियों तक विस्फोटक सामग्री पहुंचाने के मामले में विशेष एनआईए कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। राज्य अन्वेषण अभिकरण (SIA) की जांच के आधार पर अदालत ने पति-पत्नी समेत तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए विभिन्न धाराओं के तहत सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।मुखबिर की सूचना से खुला पूरा नेटवर्क

मामले की शुरुआत 19 मार्च 2024 को हुई, जब नारायणपुर पुलिस को सूचना मिली कि तारागांव क्षेत्र में कुछ लोग जड़ी-बूटी बेचने की आड़ में विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखे हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और दो संदिग्धों को हिरासत में लिया।तलाशी के दौरान गठरियों से पोटेशियम नाइट्रेट, कार्डेक्स वायर और डेटोनेटर सहित अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। मौके से एक महिला और एक पुरुष को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में सामने आया नक्सली कनेक्शन

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवि मरकाम (45) और उसकी पत्नी चमेली बाई (35) के रूप में हुई, जो मध्य प्रदेश के निवासी हैं। पूछताछ के दौरान दोनों ने स्वीकार किया कि बरामद विस्फोटक नक्सलियों तक पहुंचाने के लिए रखा गया था।जांच में ओरछा निवासी कोसरू वड्डे (39) की भूमिका भी सामने आई, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। इस तरह मामले में कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

एसआईए की जांच में हुआ बड़ा खुलासा

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच राज्य अन्वेषण अभिकरण (SIA) रायपुर को सौंपी गई। विस्तृत पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जब्त विस्फोटक सामग्री पूर्व बस्तर डिवीजन के भाकपा (माओवादी) से जुड़े सप्लायर नेटवर्क और अन्य नक्सलियों तक पहुंचाई जानी थी। हालांकि, पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर पूरी साजिश को विफल कर दिया।

जांच पूरी होने के बाद एसआईए ने विशेष न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।

इन धाराओं में मिली सजा

अदालत ने आरोपियों को विभिन्न कानूनों के तहत निम्नलिखित सजा सुनाई—

  • विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धारा 4 के तहत 7 वर्ष का सश्रम कारावास और 1,000 रुपये जुर्माना।
  • विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धारा 5 के तहत 7 वर्ष का सश्रम कारावास और 1,000 रुपये जुर्माना।
  • गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 10(1) के तहत 2 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये जुर्माना।
  • यूएपीए की धारा 13(1) के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये जुर्माना।
  • यूएपीए की धारा 38(2) के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये जुर्माना।
  • यूएपीए की धारा 39(2) के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये जुर्माना।

नक्सली नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि नक्सलियों तक हथियार और विस्फोटक पहुंचाने वाले नेटवर्क पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस मामले में हुई सजा को नक्सली सप्लाई चैन के खिलाफ बड़ी कानूनी सफलता माना जा रहा है।

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