

लखनपुर/ प्रिंस सोनी: सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड स्थित गुमगराकला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछले एक महीने से आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाली कैशलेस उपचार सुविधा पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। ऑपरेटर के इस्तीफा देने के बाद अस्पताल में आयुष्मान से इलाज नहीं हो पा रहा है, जिससे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन गुमगराकला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जुलाई माह से आयुष्मान सेवा बंद होने के कारण मरीज इस योजना का लाभ लेने से वंचित हैं। अस्पताल आने वाले मरीजों का केवल ओपीडी में उपचार किया जा रहा है, जबकि भर्ती की आवश्यकता वाले मरीजों को सुविधा नहीं मिल पा रही है।
अस्पताल प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह ने बताया कि आयुष्मान कार्ड ऑपरेटर ने निजी कारणों से नौकरी छोड़ दी, जिसके बाद से पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. ओपी प्रसाद को लिखित सूचना भी भेजी जा चुकी है। फिलहाल एक अन्य कर्मचारी को अतिरिक्त प्रभार मौखिक रूप से दिया गया था, लेकिन अनुभव की कमी के कारण वह कार्य का संचालन नहीं कर पा रहा है।स्थिति यह है कि प्रसव, सामान्य और जटिल बीमारियों से पीड़ित मरीजों को भी आयुष्मान योजना के तहत इलाज नहीं मिल पा रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं और कई मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है या इलाज टालना पड़ रहा है।गुमगराकला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आसपास के कई गांवों के लोगों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में आयुष्मान सेवा बंद होने से क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
अस्पताल प्रभारी ने बताया कि उन्होंने समय रहते विभाग को सूचना दे दी थी, लेकिन अब तक नए ऑपरेटर की नियुक्ति या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। वहीं क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द आयुष्मान सेवा बहाल कर योग्य मरीजों को योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए।











