

सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र में हुए बहुचर्चित अपहरण एवं हत्या मामले में बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। पुलिस की रिविजन पिटिशन पर सुनवाई करते हुए जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, प्रतापपुर ने पहले रिहा किए गए 10 आरोपियों को दोबारा न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। सभी आरोपियों को 20 अगस्त 2026 तक 15 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार 24 जुलाई 2026 को ग्राम गोंदा निवासी सम्पतिया सूर्यवंशी ने प्रतापपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 23 जुलाई की रात करीब 9 बजे 10 से अधिक लोग सात मोटरसाइकिलों से उनके घर पहुंचे। आरोपियों ने घर में घुसकर हरिनन्दन राजवाड़े के साथ मारपीट की, उसे जबरन उठाकर अपने साथ ले गए और बाद में गंभीर रूप से घायल अवस्था में भैंसामुड़ा के केंवरा चौक के पास फेंककर फरार हो गए। घायल को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपहरण, हत्या, मारपीट और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देश पर प्रतापपुर पुलिस ने साक्ष्य जुटाकर 27 जुलाई को ललित राजवाड़े (29), सकल प्रसाद राजवाड़े (30), आशुतोष राजवाड़े (33), शिवम कुमार राजवाड़े (28), रजय गुप्ता (38), भुनेश्वर प्रसाद राजवाड़े (30), सुनील राजवाड़े (28), शिव कुमार राजवाड़े (28), राजू उर्फ सतीश राजवाड़े (25) और मनोज कुमार राजवाड़े (25) 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में पीड़िता द्वारा आरोपियों की शिनाख्त कराई गई। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया, जिसके आधार पर पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त तीन डंडे और चार मोटरसाइकिल जब्त कीं।हालांकि, प्रारंभिक सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पुलिस की रिमांड याचिका खारिज करते हुए सभी आरोपियों को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा कर दिया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए प्रतापपुर पुलिस ने जिला अभियोजन अधिकारी के मार्गदर्शन में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, प्रतापपुर की अदालत में पुनरीक्षण (रिविजन) याचिका दायर की।अदालत ने पुलिस के तर्कों को स्वीकार करते हुए 27 जुलाई के पूर्व आदेश को निरस्त कर दिया। इसके बाद पुलिस ने 6 अगस्त को दोबारा न्यायिक रिमांड के लिए आवेदन प्रस्तुत किया, जिस पर अदालत ने सभी 10 आरोपियों को 20 अगस्त 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाएगा। यह मामला राज्य में अपहरण और हत्या के गंभीर मामलों में पुलिस की कानूनी सक्रियता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।











