

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और आधुनिक कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य के आठ नगर निगम क्षेत्रों में कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इन संयंत्रों में जैविक कचरे, कृषि अवशेष और पशु अपशिष्ट का उपयोग कर स्वच्छ ईंधन तैयार किया जाएगा।
आठ प्रमुख शहरों में शुरू होगी परियोजना
सरकार ने रायपुर, भिलाई, बिलासपुर समेत आठ प्रमुख नगर निगम क्षेत्रों में प्लांट लगाने के लिए जमीन चिन्हित कर ली है। नई CBG नीति के तहत इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। प्लांट शुरू होने के बाद शहरों में कचरे का बेहतर प्रबंधन होगा और जैविक अपशिष्ट का उपयोग उपयोगी संसाधन के रूप में किया जा सकेगा।
किसानों और पशुपालकों के लिए बढ़ेगा आय का अवसर
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ किसानों और पशुपालकों को मिलने की उम्मीद है। फसल कटाई के बाद बचने वाली पराली और अन्य कृषि अवशेष अब बेकार नहीं जाएंगे, बल्कि इन्हें प्लांट तक पहुंचाकर किसान अतिरिक्त आमदनी हासिल कर सकेंगे। इसी तरह पशुपालक भी जैविक अपशिष्ट का बेहतर उपयोग कर आर्थिक लाभ प्राप्त कर पाएंगे।
प्रदूषण पर लगेगी रोक, पराली जलाने की घटनाएं होंगी कम
सरकार का मानना है कि इस पहल से खुले में पराली जलाने की घटनाओं में कमी आएगी, जिससे वायु प्रदूषण पर नियंत्रण मिलेगा। साथ ही शहरों में कचरे के वैज्ञानिक निपटान की व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी, जिससे स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
तेल कंपनियां खरीदेंगी तैयार होने वाली CBG
इन प्लांटों में तैयार होने वाली कंप्रेस्ड बायो गैस की खरीद तेल विपणन कंपनियां करेंगी। इससे परियोजना को स्थायी बाजार मिलेगा और स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का उद्देश्य 'वेस्ट टू वेल्थ' की अवधारणा को मजबूत करते हुए हरित ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देना है।










