

भोपाल : राजधानी भोपाल में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। 10 दिनों के सफल परीक्षण के बाद गुरुवार से नई एयर कंडीशंड इलेक्ट्रिक बसों का नियमित संचालन शुरू हो गया। शुरुआत के साथ ही यात्रियों का अच्छा प्रतिसाद देखने को मिला और पहले ही दिन हजारों लोगों ने इन बसों में सफर किया।
पहले दिन मिली शानदार प्रतिक्रिया
नई ई-बस सेवा शुरू होते ही यात्रियों ने इसका भरपूर उपयोग किया। दो प्रमुख रूटों पर संचालित 10 इलेक्ट्रिक बसों में पहले दिन 2 हजार से अधिक लोगों ने यात्रा की। यात्रियों की बढ़ती संख्या से यह संकेत मिला है कि शहर में आधुनिक और आरामदायक सार्वजनिक परिवहन की मांग लगातार बढ़ रही है।
बीसीएलएल को हुआ अच्छा राजस्व
बसों के संचालन के पहले दिन भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड को 25 हजार रुपये से अधिक की आय प्राप्त हुई। अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे लोगों को नई सेवा की जानकारी मिलेगी, यात्रियों की संख्या और राजस्व दोनों में वृद्धि हो सकती है।
यात्रियों को राहत, किराए में नहीं किया गया बदलाव
नई एयर कंडीशंड इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के बावजूद यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डाला गया है। फिलहाल इन बसों का किराया लो-फ्लोर बसों के समान ही रखा गया है, जिससे आम लोगों को बेहतर सुविधा कम खर्च में मिल सके।
इन दो रूटों पर शुरू हुई नई सेवा
प्रारंभिक चरण में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन दो महत्वपूर्ण मार्गों पर किया जा रहा है। पहला रूट भैंसाखेड़ी स्थित चिरायु अस्पताल से बैरागढ़ चिचली तक है, जबकि दूसरा रूट चिरायु अस्पताल से रेलवे कोच फैक्ट्री तक निर्धारित किया गया है। इन मार्गों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं।
भोपाल को मिलेंगी 100 आधुनिक इलेक्ट्रिक बसें
शहर के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए पहले चरण में भोपाल को कुल 100 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई जानी हैं। इनमें से 21 बसें पहले ही बैरागढ़ डिपो पहुंच चुकी हैं। शेष बसों के आने के बाद शहर के अन्य मार्गों पर भी इनका संचालन शुरू किया जाएगा।
प्रदूषण कम करने के साथ मिलेगी बेहतर सुविधा
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से न केवल यात्रियों को आरामदायक सफर मिलेगा, बल्कि शहर में प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी। आने वाले समय में इन बसों की संख्या बढ़ने के साथ भोपाल का सार्वजनिक परिवहन और अधिक आधुनिक तथा पर्यावरण अनुकूल बनने की उम्मीद है।











