

Four Flop Films Fear: हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता जितेंद्र ने अपने करियर में कई यादगार फिल्में दीं। 1980 के दशक में उनका नाम सबसे सफल और लोकप्रिय अभिनेताओं में शामिल था। फिल्मों के अलावा जितेंद्र ने समझदारी से रियल एस्टेट में भी निवेश किया। उनके इसी निवेश से जुड़ा एक किस्सा आज भी चर्चा में रहता है, जब उन्होंने मशहूर अभिनेता भारत भूषण का मुंबई के पाली हिल इलाके में स्थित बंगला खरीदा था।कभी आर्थिक संकट से गुजर रहे भारत भूषण को मजबूरी में यह बंगला बेचना पड़ा था। लेकिन समय बदला और वही संपत्ति बाद में जितेंद्र के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुई। आज उस जमीन की कीमत करोड़ों रुपये में पहुंच चुकी है।
आर्थिक परेशानी में भारत भूषण ने बेचा था पाली हिल का बंगला
जितेंद्र ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उस दौर में अभिनेता भारत भूषण आर्थिक परेशानियों से गुजर रहे थे। लगातार आर्थिक दबाव के कारण उन्हें मुंबई के पॉश इलाके पाली हिल में बना अपना बंगला बेचने का फैसला लेना पड़ा।जितेंद्र के मुताबिक, भारत भूषण ने यह बंगला सिर्फ 4.25 लाख रुपये में बेच दिया था। उस समय यह रकम भी बड़ी मानी जाती थी, लेकिन जितेंद्र और उनके परिवार ने भविष्य को देखते हुए इस संपत्ति को खरीदने का फैसला किया।
छोटे कमरे से करोड़ों की संपत्ति तक का सफर
जितेंद्र ने बताया कि उनका परिवार कभी बेहद साधारण जीवन जीता था। वह एक छोटे से 20×10 फुट के कमरे में रहते थे, जहां परिवार के आठ सदस्य रहते थे। ऐसे समय में भारत भूषण का बंगला खरीदना उनके लिए बड़ा कदम था।उन्होंने बताया कि जब भारत भूषण ने बंगला बेचने की बात कही तो उन्होंने अपने पिता से चर्चा की। पिता की सलाह के बाद उन्होंने यह संपत्ति खरीद ली। इस सौदे में उन्हें करीब 3,450 वर्ग फीट का प्लॉट भी मिला था।
चार फिल्में फ्लॉप हुईं तो सताने लगा बड़ा डर
बंगला खरीदने के बाद जितेंद्र के करियर में अचानक मुश्किल दौर आया। उनकी लगातार चार फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो पाईं। इन असफलताओं के बाद उन्हें डर लगने लगा कि कहीं उनका हाल भी भारत भूषण जैसा न हो जाए और उन्हें आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।इसी चिंता के चलते जितेंद्र ने कुछ समय के लिए अपने परिवार के साथ वह बंगला छोड़ दिया। उन्हें डर था कि अगर हालात खराब हुए तो यह संपत्ति भी उनके लिए बोझ बन सकती है।
जिस संपत्ति से डर लगा, वही बनी सबसे बड़ी कामयाबी
समय के साथ हालात पूरी तरह बदल गए। जितेंद्र का वही फैसला बाद में उनके लिए बेहद लाभदायक साबित हुआ। उन्होंने बताया कि जब पुराने बंगले को हटाया गया तो वहां लगी लकड़ी बेचने से ही करीब 11.5 लाख रुपये मिले थे।आज जिस जमीन पर वह बंगला बना था, उसकी कीमत करीब 450 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। कभी आर्थिक डर की वजह बना यह निवेश अब जितेंद्र की दूरदर्शिता और सही समय पर लिए गए फैसले की मिसाल माना जाता है।











