

लखनपुर/ प्रिंस सोनी: आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित, अमलभिट्ठी के प्रबंधक नवल साय पर धान खरीदी खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान कर्मचारियों और हमाली श्रमिकों के भुगतान में अनियमितता एवं फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता चंद्रभान राजवाड़े ने कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा प्रबंधक को तत्काल हटाने की मांग की है।
शिकायत के अनुसार धान खरीदी कार्य केवल 46 दिनों तक चला, जबकि कुछ कर्मचारियों और हमाली श्रमिकों को 48 दिनों का भुगतान किया गया। इतना ही नहीं, जिन लोगों ने धान खरीदी कार्य में हिस्सा ही नहीं लिया, उनके नाम पर 154 दिनोंतक का भुगतान दर्शाकर लाखों रुपये की राशि आहरित किए जाने का आरोप लगाया गया है।
आवेदन में कहा गया है कि नियमों के अनुसार भुगतान केवल धान खरीदी अवधि तक ही किया जाना चाहिए। धान उठाव का कार्य समाप्त होने के बाद संबंधित राइस मिलर्स द्वारा अलग से भुगतान किया जाता है। इसके बावजूद शासन की धान खरीदी योजना की राशि का कथित रूप से गलत उपयोग कर समिति और शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।
शिकायतकर्ता ने कई हमाली श्रमिकों के नाम पर 46 हजार से 55 हजार रुपये तक के भुगतान का उल्लेख करते हुए इसकी जांच की मांग की है। साथ ही आरोप लगाया गया है कि कैलाश और अमन सिंह दूसरे समिति में कार्यरत थे, फिर भी उन्हें अमलभिट्ठी समिति से भुगतान दर्शाया गया।
चंद्रभान राजवाड़े का कहना है कि इस मामले की शिकायत जनदर्शन, सुशासन तिहार और सीएम हेल्पलाइन 1076 में कई बार की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के दौरान अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी जांच प्रतिवेदन तैयार किया गया और उनका बयान तक दर्ज नहीं किया गया।शिकायतकर्ता ने मामले में लाखों रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मांग की है कि जांच सहकारिता विभाग के बजाय किसी अन्य स्वतंत्र विभाग से कराई जाए, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके और दोषियों पर कार्रवाई की जा सके।











