

लद्दाख : सामाजिक कार्यकर्ता और नवाचारक सोनम वांगचुक इन दिनों गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं। मंगलवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने अस्पताल पहुंचकर उनसे मुलाकात की। हालांकि दोनों नेताओं और सोनम वांगचुक के बीच क्या बातचीत हुई, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद मेदांता अस्पताल में किया गया शिफ्ट
सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे थे, जहां से पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल लेकर गई थी। बाद में दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश के बाद उन्हें गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया गया।फिलहाल उनका इलाज इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. सुशीला कटारिया की निगरानी में चल रहा है। उन्हें अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया है। चिकित्सकों के अनुसार वह पैन्साइटोपेनिया की समस्या से जूझ रहे हैं। इसके अलावा उनका सीरम पोटेशियम स्तर 3.4 एमईक्यू प्रति लीटर दर्ज किया गया था। अस्पताल की ओर से अभी तक नया हेल्थ बुलेटिन जारी नहीं किया गया है।
अस्पताल में तीन स्तर की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
सोनम वांगचुक की सुरक्षा को देखते हुए मेदांता अस्पताल में तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर अस्पताल सुरक्षा कर्मियों के साथ गुरुग्राम पुलिस तैनात है और आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जांच की जा रही है।दूसरे सुरक्षा घेरे में उस परिसर के बाहर हरियाणा और दिल्ली पुलिस के जवान तैनात हैं, जहां वांगचुक भर्ती हैं। इस क्षेत्र में केवल भर्ती मरीजों और निर्धारित समय पर उनके एक अटेंडेंट को ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।तीसरे और सबसे सख्त सुरक्षा घेरे में वह आईसीयू क्षेत्र शामिल है, जहां सोनम वांगचुक का इलाज चल रहा है। यहां प्रशासन की अनुमति के बिना किसी भी व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया जा रहा। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए है।











