

सूरजपुर: सूरजपुर पुलिस ने न्यायालय में फर्जी आधार कार्ड और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए आरोपियों की जमानत कराने के एक गंभीर मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान देव प्रताप सिंह (34 वर्ष), निवासी ग्राम अजबनगर (रंगपारा), थाना जयनगर, जिला सूरजपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 319 एवं 337 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। मामले का खुलासा होने के बाद न्यायालयों में फर्जी दस्तावेजों के जरिए न्यायिक प्रक्रिया से छेड़छाड़ करने वाले गिरोह की आशंका भी जताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि देव प्रताप सिंह ने अपने पिता के नाम से कूटरचित (फर्जी) आधार कार्ड तैयार कराया था। इसके बाद वह स्वयं को अपने पिता के रूप में प्रस्तुत कर न्यायालय में पेश हुआ और पिता के स्थान पर हस्ताक्षर कर आरोपियों की जमानत कराई। इस तरह उसने न्यायालय को गुमराह करते हुए फर्जी पहचान के आधार पर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया। पुलिस का कहना है कि यह केवल दस्तावेजों की जालसाजी का मामला नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था के साथ गंभीर छेड़छाड़ का अपराध है।
जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि आरोपी पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा है। सूरजपुर न्यायालय में दर्ज आपराधिक प्रकरण क्रमांक 28/2025 एवं 30/2025 में भी आरोपी पर कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत कर अन्य आरोपियों की जमानत कराने के आरोप हैं। इसके अलावा अंबिकापुर स्थित न्यायालय में भी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक आरोपी की जमानत कराने का मामला जांचाधीन है। पुलिस अब इन सभी मामलों की कड़ियों को जोड़कर विस्तृत जांच कर रही है।
विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 35(ए) के तहत नोटिस जारी कर जांच में सहयोग करने के लिए बुलाया था। हालांकि आरोपी ने जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं किया। पूछताछ में वह यह भी स्पष्ट नहीं कर सका कि फर्जी आधार कार्ड कहां तैयार कराया गया था और वर्तमान में वह दस्तावेज कहां रखा है। इसके कारण पुलिस अब तक फर्जी आधार कार्ड बरामद नहीं कर सकी है। पुलिस को संदेह है कि इस पूरे मामले में दस्तावेज तैयार करने वाले अन्य लोगों की भी भूमिका हो सकती है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी द्वारा अलग-अलग न्यायालयों में बार-बार फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर जमानत कराने की जानकारी सामने आने के बाद उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। भविष्य में भी इस प्रकार के अपराध दोहराए जाने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने 17 जुलाई 2026 को उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। फिलहाल मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।
सूरजपुर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने प्रदेश के अन्य न्यायालयों में भी इसी प्रकार के फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर जमानत तो नहीं कराई है। साथ ही फर्जी आधार कार्ड और अन्य कूटरचित दस्तावेज तैयार करने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि न्यायिक प्रक्रिया से छेड़छाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और मामले से जुड़े सभी दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।











