

छत्तीसगढ़ : विधानसभा के मानसून सत्र में विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर जोरदार राजनीतिक टकराव देखने को मिला। कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के बीच लंबे समय तक आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। करीब 15 घंटे तक चली चर्चा के बाद सदन में संख्या बल के आधार पर अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया और साय सरकार ने बहुमत का समर्थन हासिल कर लिया।
सदन में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस ने राज्य सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरते हुए उसे हर मोर्चे पर विफल बताया। वहीं सत्तापक्ष ने विपक्ष के सभी आरोपों को निराधार बताते हुए सरकार की उपलब्धियों को विस्तार से सदन के सामने रखा। बहस के दौरान कई बार माहौल गर्म रहा और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के आरोपों का दिया जवाब
सत्तापक्ष की ओर से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अविश्वास प्रस्ताव पर जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस केवल राजनीतिक औपचारिकता निभाने के लिए यह प्रस्ताव लेकर आई है। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप लगातार काम कर रही है और महिलाओं, किसानों, युवाओं तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू की गई हैं।
कांग्रेस पर लगाया आदिवासियों को वोट बैंक मानने का आरोप
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर आदिवासी समाज को केवल वोट बैंक की तरह देखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक आदिवासी परिवार से आने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री बना है, जिसे कांग्रेस स्वीकार नहीं कर पा रही है। उन्होंने इसे प्रदेश की लोकतांत्रिक ताकत और जनता के विश्वास का प्रतीक बताया।
'25 साल तक सत्ता में नहीं आएगी कांग्रेस'
सदन में बोलते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला करते हुए दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी 70 से अधिक सीटें जीतकर सरकार बनाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस अगले 25 वर्षों तक प्रदेश की सत्ता में वापसी नहीं कर पाएगी।
सरकार की योजनाओं का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार विभिन्न क्षेत्रों में लगातार नए प्रयोग और सुधार कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, सुशासन से जुड़ी पहल और जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम कर रही है।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी साधा निशाना
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछली सरकार का कार्यकाल घोटालों और वादाखिलाफी के लिए जाना जाता है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार पारदर्शिता, सुशासन और विकास के एजेंडे पर आगे बढ़ रही है।
बहुमत के दम पर गिरा अविश्वास प्रस्ताव
लंबी चर्चा और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान हुआ। सदन में भाजपा के बहुमत के चलते कांग्रेस का प्रस्ताव पारित नहीं हो सका और सरकार ने विधानसभा का विश्वास बनाए रखा। इससे साय सरकार ने स्पष्ट कर दिया कि उसे सदन का समर्थन प्राप्त है।











