

4 Or 5 Sawan Mondays : भगवान शिव की उपासना के लिए सावन का महीना सबसे पवित्र माना जाता है। इस पूरे महीने शिव भक्त व्रत रखते हैं, शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं और विधि विधान से भगवान भोलेनाथ की पूजा करते हैं। हर साल सावन शुरू होने से पहले एक सवाल सबसे ज्यादा पूछा जाता है कि इस बार सावन में चार सोमवार होंगे या पांच। अगर आपके मन में भी यही सवाल है, तो आइए जानते हैं इसका सही उत्तर।
सावन 2026 की शुरुआत कब होगी?
हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में सावन का महीना 30 जुलाई, गुरुवार से शुरू होगा। इसका समापन 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के दिन होगा। इस पूरे अवधि में भगवान शिव की विशेष पूजा, रुद्राभिषेक और सावन सोमवार के व्रत का विशेष महत्व रहेगा।
सावन 2026 में होंगे 4 सोमवार
उत्तर भारत में प्रचलित पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 के सावन माह में कुल चार सोमवार पड़ेंगे। इन दिनों शिव भक्त विशेष पूजा अर्चना और व्रत करेंगे।
- पहला सावन सोमवार : 3 अगस्त 2026
- दूसरा सावन सोमवार : 10 अगस्त 2026
- तीसरा सावन सोमवार : 17 अगस्त 2026
- चौथा सावन सोमवार : 24 अगस्त 2026
हर साल सोमवारों की संख्या को लेकर क्यों होता है भ्रम?
सावन के सोमवारों की संख्या को लेकर अक्सर अलग अलग जानकारी सामने आती है। इसकी मुख्य वजह भारत में प्रचलित दो अलग पंचांग प्रणालियां हैं।उत्तर भारत के अधिकांश क्षेत्रों में पूर्णिमांत पंचांग का पालन किया जाता है, जबकि दक्षिण और पश्चिम भारत के कई राज्यों में अमांत पंचांग मान्य है। दोनों पंचांगों में सावन माह की शुरुआत और समाप्ति की तिथियां अलग होती हैं। इसी कारण कई बार सावन के सोमवारों की संख्या भी अलग दिखाई देती है।
सावन सोमवार का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव की पूजा और व्रत करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन श्रद्धालु शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति से की गई शिव आराधना से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। अविवाहित युवक युवतियां योग्य जीवनसाथी की कामना से सावन सोमवार का व्रत रखते हैं, जबकि विवाहित लोग परिवार की सुख शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए इस दिन विशेष पूजा करते हैं।










