Dirty Water Chutney Exposed Raid: आज के समय में फास्ट फूड का चलन तेजी से बढ़ा है। बच्चे हों या युवा, बाजार में मिलने वाले मोमोज लोगों की पसंदीदा डिश बन चुके हैं। खासकर इनके साथ परोसी जाने वाली तीखी लाल चटनी का स्वाद लोगों को खूब आकर्षित करता है। लेकिन जिस चटनी और मोमोज का लोग स्वाद लेकर सेवन करते हैं, वह किन हालात में तैयार किए जाते हैं, इसकी हकीकत शायद ही किसी को पता हो।कानपुर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्रवाई ने इसी सच्चाई से पर्दा उठाया है। शहर में चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान कई मोमोज प्रतिष्ठानों पर स्वच्छता के गंभीर उल्लंघन सामने आए। अधिकारियों ने मौके पर करीब 115 किलोग्राम खराब लाल चटनी नष्ट कराई, जबकि मोमोज और चटनी के कई नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए सुरक्षित किए गए हैं।

जांच अभियान में सामने आई गंभीर लापरवाही

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के अलग अलग इलाकों में अभियान चलाया। इस दौरान ठेले, खोमचे और मोमोज बनाने वाले प्रतिष्ठानों की जांच कर साफ सफाई और खाद्य गुणवत्ता का निरीक्षण किया गया।अधिकारियों ने सबसे पहले रावतपुर, साकेत नगर और मसवानपुर क्षेत्र में स्थित दुकानों की जांच की। इसके बाद टीम आकाश मोमोज और बालाजी मोमोज सहित कई अन्य प्रतिष्ठानों तक पहुंची, जहां खाद्य सामग्री तैयार करने और रखने की व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया गया।

गंदे पानी से तैयार हो रही थी लाल चटनी

जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कई दुकानों पर मोमोज और उनके साथ परोसी जाने वाली लाल चटनी साफ पानी के बजाय गंदे पानी से तैयार की जा रही थी। इतना ही नहीं, तैयार खाद्य सामग्री को भी बेहद अस्वच्छ स्थानों पर रखा गया था। अधिकारियों ने इसे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा माना और तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।

बिना फूड रजिस्ट्रेशन चल रही 'श्री बालाजी मोमोज' की दुकान सील

रावतपुर स्थित 'श्री बालाजी मोमोज' की जांच में सबसे बड़ी अनियमितता सामने आई। विभाग को पता चला कि दुकान बिना आवश्यक फूड रजिस्ट्रेशन के संचालित की जा रही थी। इसके अलावा परिसर में गंदगी का अंबार था और खाद्य सामग्री के रखरखाव के मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा था।

इन कमियों को देखते हुए अधिकारियों ने दुकान को तत्काल सील कर दिया। विभाग ने स्पष्ट किया कि आवश्यक रजिस्ट्रेशन पूरा होने और सभी स्वच्छता संबंधी खामियां दूर होने के बाद ही दुकान को दोबारा खोलने की अनुमति दी जाएगी।

चटनी के नमूने लैब भेजे गए

कार्रवाई के दौरान सबसे ज्यादा चिंता का विषय मोमोज के साथ परोसी जाने वाली लाल चटनी रही। कई जगहों पर चटनी बेहद गंदगी में रखी मिली और उसकी गुणवत्ता भी संदिग्ध पाई गई। खाद्य सुरक्षा विभाग ने चटनी के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित दुकानदारों के खिलाफ नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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