

भोपाल। क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदानों में शुमार लॉर्ड्स पर नाम दर्ज कराना हर खिलाड़ी का सपना होता है। मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के एक छोटे से कस्बे घुवारा से निकलकर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने इस सपने को हकीकत में बदल दिया है। इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में शानदार गेंदबाजी करते हुए उन्होंने न केवल भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई, बल्कि लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित ऑनर्स बोर्ड में अपना नाम दर्ज कराने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनने का गौरव भी हासिल किया।
आदिवासी परिवार की बेटी ने रचा स्वर्णिम इतिहास
छतरपुर जिले के घुवारा निवासी क्रांति गौड़ ने अपनी प्रतिभा और संघर्ष के दम पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नई पहचान बनाई है। इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए टेस्ट मुकाबले में उन्होंने कुल सात विकेट अपने नाम किए। पहली पारी में पांच विकेट झटककर उन्होंने वह उपलब्धि हासिल की, जिसे क्रिकेट जगत में बेहद सम्मान की नजर से देखा जाता है। लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड पर उनका नाम दर्ज होना भारतीय महिला क्रिकेट के लिए भी एक ऐतिहासिक पल माना जा रहा है।
मध्यप्रदेश पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत
लॉर्ड्स में इतिहास रचने के बाद 16 जुलाई को क्रांति गौड़ पहली बार मध्यप्रदेश पहुंचीं। राजधानी भोपाल में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस उपलब्धि पर उन्हें खेल प्रेमियों, जनप्रतिनिधियों और प्रशंसकों की ओर से शुभकामनाएं मिलीं।
मीडिया से बातचीत के दौरान क्रांति ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनके लिए नहीं, बल्कि उनके परिवार, बुंदेलखंड और पूरे मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि इस सम्मान ने उन्हें और अधिक मेहनत करने की प्रेरणा दी है।
खिलाड़ियों को मिल रहा बेहतर सहयोग
क्रांति गौड़ ने राज्य सरकार की खेल नीतियों और खिलाड़ियों को मिल रहे सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि आज प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए पहले की तुलना में कहीं अधिक अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें भी समय-समय पर आवश्यक सहयोग मिला, जिसने उनके खेल सफर को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनके मुताबिक, खिलाड़ियों को मिलने वाली यह मदद आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है। अब ग्रामीण और छोटे शहरों के बच्चे भी खेल को अपने करियर के रूप में अपनाने का साहस दिखा रहे हैं।
कम समय में बनाया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मजबूत मुकाम
महज 22 वर्ष की उम्र में क्रांति गौड़ ने भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने 11 मई 2025 को श्रीलंका के खिलाफ एकदिवसीय मुकाबले से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने अपनी धारदार गेंदबाजी से लगातार प्रभावित किया है।
अब तक खेले गए दो टेस्ट मैचों की तीन पारियों में वह नौ विकेट हासिल कर चुकी हैं। वहीं, 17 वनडे मुकाबलों में उनके खाते में 25 विकेट दर्ज हैं। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के 14 मैचों में उन्होंने आठ विकेट अपने नाम किए हैं। टेस्ट और वनडे, दोनों प्रारूपों में वह एक-एक बार पांच विकेट लेने का कारनामा भी कर चुकी हैं।
नई पीढ़ी के लिए बनीं प्रेरणा
क्रांति गौड़ की यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि यह उन हजारों युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो छोटे शहरों और साधारण परिवारों से निकलकर बड़े सपने देखते हैं। लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड तक पहुंचने का उनका सफर इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर दुनिया के सबसे बड़े मंच पर भी अपनी पहचान बनाई जा सकती है।











