

रायपुर : भारतीय रेलवे ने राजधानी रायपुर के लिए 175 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर स्थित हाई हॉर्स पावर डीजल शेड में 250 थ्री फेज इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए अतिरिक्त होमिंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस पहल का उद्देश्य बढ़ते इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव बेड़े के अनुरूप रखरखाव व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है।
क्या होती है होमिंग सुविधा
रेलवे में होमिंग का अर्थ किसी लोकोमोटिव को ऐसे शेड से जोड़ना होता है, जहां उसका नियमित रखरखाव, सुरक्षा निरीक्षण, तकनीकी जांच और आवश्यक मरम्मत की जाती है। यह व्यवस्था लोकोमोटिव के सुरक्षित, सुचारु और दक्ष संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। नई सुविधा शुरू होने से रायपुर डिपो की कार्यक्षमता बढ़ेगी और भविष्य में तकनीकी विस्तार के लिए भी पर्याप्त आधार तैयार होगा।
माल और यात्री परिवहन को मिलेगा फायदा
रेलवे का मानना है कि अतिरिक्त होमिंग सुविधाएं विकसित होने के बाद इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के रखरखाव में तेजी आएगी। इससे मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के संचालन की दक्षता बढ़ेगी, परिचालन में सुधार होगा और रेलवे के बढ़ते नेटवर्क की जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने जताया आभार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस परियोजना को छत्तीसगढ़ के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में प्रदेश में रेलवे अधोसंरचना का तेजी से विस्तार हो रहा है।
रेल और लॉजिस्टिक्स हब बनने की दिशा में अहम कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना न केवल लोकोमोटिव रखरखाव क्षमता को मजबूत करेगी, बल्कि माल एवं यात्री परिवहन को भी अधिक प्रभावी बनाएगी। इसके साथ ही रायपुर और छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख रेल, औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।











