

भारत और इंग्लैंड के बीच जारी पांच मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। शुरुआती तीन मुकाबलों के बाद मेजबान इंग्लैंड ने 2-0 की बढ़त बना ली है। ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में भारत को 125 रन के बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इस प्रदर्शन पर पूर्व भारतीय कप्तान और दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले ने टीम की रणनीति और बल्लेबाजी दोनों पर सवाल उठाए हैं।
'दबाव में संयम दिखाने की जरूरत थी'
जियो हॉटस्टार पर बातचीत के दौरान अनिल कुंबले ने कहा कि लक्ष्य का पीछा करते समय भारतीय बल्लेबाजों ने धैर्य नहीं दिखाया। उनके अनुसार रन गति अधिक होने के बावजूद किसी बल्लेबाज को जिम्मेदारी लेकर पारी संभालनी चाहिए थी, लेकिन लगभग सभी खिलाड़ी बड़े शॉट खेलने की कोशिश में जल्दी-जल्दी आउट होते चले गए। उन्होंने इस प्रदर्शन को निराशाजनक बताते हुए कहा कि विश्व चैंपियन टीम से ऐसी बल्लेबाजी की उम्मीद नहीं की जाती।
हर्षित राणा को ऊपर भेजने पर उठाए सवाल
कुंबले ने टीम मैनेजमेंट के बल्लेबाजी क्रम पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि शिवम दुबे जैसे अनुभवी बल्लेबाज से पहले हर्षित राणा को भेजना सही फैसला नहीं था। उनके मुताबिक टी20 क्रिकेट में परिस्थितियों के अनुसार बेहतर बल्लेबाजों को पहले भेजना चाहिए। केवल निचले क्रम के बल्लेबाज से मैच पलटने की उम्मीद करना व्यावहारिक नहीं है।
बार-बार गेंदबाजी संयोजन बदलने से बचने की सलाह
पूर्व भारतीय कोच ने टीम प्रबंधन को लगातार गेंदबाजी संयोजन बदलने से भी बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हर मुकाबले के बाद गेंदबाजों में बदलाव करने से टीम का संतुलन प्रभावित होता है। उनका मानना है कि कप्तान को अपने प्रमुख गेंदबाजों पर भरोसा बनाए रखना चाहिए, क्योंकि मैच जिताने में गेंदबाजों की भूमिका बेहद अहम होती है।
सीरीज में वापसी की चुनौती
अब भारतीय टीम के सामने अगला मुकाबला जीतकर सीरीज में वापसी करने की चुनौती है। यदि टीम को मुकाबले में बने रहना है तो बल्लेबाजी, गेंदबाजी और रणनीति तीनों विभागों में पहले से बेहतर प्रदर्शन करना होगा।











