

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कॉन्स्टेबल भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि कुछ अभ्यर्थियों पर कथित अनियमितताओं के आरोपों के आधार पर पूरी भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करना उचित और न्यायसंगत नहीं होगा।
डिवीजन बेंच ने सुनाया फैसला
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि यदि किसी स्तर पर कुछ उम्मीदवारों की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उसके लिए पूरी चयन प्रक्रिया को रद्द नहीं किया जा सकता।
पूरी भर्ती रद्द करने से इनकार
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि कथित गड़बड़ियों की जांच और दोषी पाए जाने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन केवल सीमित आरोपों के आधार पर सभी अभ्यर्थियों को प्रभावित करना न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं होगा।
भर्ती प्रक्रिया पर राहत
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद कॉन्स्टेबल भर्ती प्रक्रिया पर लगे अनिश्चितता के बादल काफी हद तक छंट गए हैं। अदालत के निर्णय से भर्ती प्रक्रिया को जारी रखने का रास्ता साफ हो गया है।











