गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में पंचायत सचिव के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने गंभीर अनियमितताओं और शासकीय नियमों के उल्लंघन के आरोपों में ग्राम पंचायत तरईगांव के सचिव किशन राठौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

जांच में कई गंभीर आरोप मिले सही

जारी आदेश के अनुसार, किशन राठौर जब ग्राम पंचायत सेमरा में पदस्थ थे, उस दौरान उनके कार्यों की जांच की गई। जांच में शासकीय प्राथमिक शाला भवन को तोड़ने और पुनर्निर्माण कार्य में नियमों का उल्लंघन, सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग, न्यायालय और विभागीय आदेशों की अवहेलना सहित कई गंभीर आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।

मनरेगा और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी सवाल

जांच में यह भी सामने आया कि मनरेगा के कार्यों में नियमों के विपरीत मशीनों का उपयोग किया गया। इसके अलावा राजनीतिक गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप भी जांच के दौरान सामने आए, जिन्हें प्रशासन ने गंभीरता से लिया।

स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हुआ प्रशासन

प्रशासन की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी कर सचिव से जवाब मांगा गया था, लेकिन प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का निर्णय लिया गया।

मरवाही रहेगा निलंबन अवधि का मुख्यालय

छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा अनुशासन तथा अपील नियम, 1999 के तहत किशन राठौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जनपद पंचायत मरवाही निर्धारित किया गया है। साथ ही नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता भी प्रदान किया जाएगा।

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