

फायर सेफ्टी और भवन सुरक्षा में मिली गंभीर लापरवाही, कई संस्थानों को जारी हुए नोटिस
बिलासपुर। विद्यार्थियों और आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने शहर के कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी और आवासीय संस्थानों में व्यापक जांच अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान अग्नि सुरक्षा और भवन सुरक्षा से जुड़ी गंभीर खामियां मिलने पर दो कोचिंग संस्थानों और दो लॉज को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। वहीं अन्य संस्थानों को जरूरी सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन संस्थानों का किया गया निरीक्षण
संयुक्त टीम ने मंगला चौक से उस्लापुर तक स्थित दिल्ली आईएएस कोचिंग, शारदा लाइब्रेरी, ऑफिसर्स लाइब्रेरी, बिलासा लाइब्रेरी, शिवाय लाइब्रेरी, उड़ान आईएएस, 24×7 लाइब्रेरी और भारतीय कृषि कोचिंग इंस्टीट्यूट का निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं और भवन संबंधी मानकों की विस्तार से जांच की गई।
दो कोचिंग संस्थानों पर लगी सील
निरीक्षण में शिवाय लाइब्रेरी और भारतीय कृषि कोचिंग इंस्टीट्यूट में कई गंभीर कमियां सामने आईं। यहां फायर सेफ्टी उपकरण नहीं मिले, अध्ययन कक्षों में निर्धारित क्षमता से अधिक विद्यार्थी मौजूद थे, पर्याप्त स्थान का अभाव था और आपात स्थिति के लिए अलग निकासी मार्ग भी उपलब्ध नहीं था। इन कमियों को देखते हुए दोनों संस्थानों को अगली सूचना तक सील कर दिया गया।
दो लाइब्रेरी का संचालन भी रोका गया
बिलासा लाइब्रेरी और शारदा लाइब्रेरी को नोटिस जारी करते हुए सभी कमियां दूर होने तक संचालन बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं अन्य कोचिंग संस्थानों को प्रवेश और निकासी संकेतक लगाने, अलग आपातकालीन निकासी द्वार बनाने तथा संचालन और भवन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज नगर निगम में जमा करने के लिए कहा गया है।
दो लॉज भी पाए गए नियमों के खिलाफ
कोचिंग संस्थानों की जांच के बाद संयुक्त टीम ने पुराने बस स्टैंड के पास स्थित रॉयल राम लॉज और अशोका इन का भी निरीक्षण किया। दोनों लॉज बिना आवश्यक अग्नि सुरक्षा व्यवस्था के संचालित होते पाए गए। सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होने तक दोनों लॉज को भी सील कर दिया गया।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों और आम नागरिकों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी शैक्षणिक और आवासीय संस्थानों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। प्रशासन ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।





















