मध्य प्रदेश : मुरैना जिले में भोज विश्वविद्यालय की परीक्षाओं को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। परीक्षा संचालन में अनियमितताओं, परीक्षा केंद्र बदलने और खुलेआम नकल कराए जाने के आरोपों ने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों और अभिभावकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

निर्धारित सरकारी कॉलेज की जगह निजी कॉलेज में कराई गई परीक्षा

जानकारी के अनुसार, जिन परीक्षाओं का आयोजन निर्धारित शासकीय महाविद्यालय में होना था, उन्हें कुछ दिनों तक आचार्य नरेंद्र देव महाविद्यालय नामक निजी कॉलेज में आयोजित किया गया। इस व्यवस्था पर सवाल उठने और शिकायतें मिलने के बाद परीक्षा केंद्र को दोबारा शासकीय महाविद्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया।

इस घटनाक्रम ने परीक्षा केंद्रों के चयन और प्रशासनिक निर्णयों की पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

खुलेआम नकल कराने के आरोप, निष्पक्ष परीक्षा पर उठे सवाल

परीक्षार्थियों का आरोप है कि परीक्षा केंद्रों पर नकल कराने वाले लोगों की सक्रियता साफ दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि परीक्षा के दौरान बाहरी लोगों का जमावड़ा लगा रहता है और खुलेआम नकल कराई जाती है। ऐसे माहौल में ईमानदारी से परीक्षा देने वाले छात्रों के साथ अन्याय होने की बात भी सामने आ रही है।

यदि ये आरोप सही साबित होते हैं तो यह परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़ा करेगा।

छात्रों को जमीन पर बैठकर देनी पड़ी परीक्षा

परीक्षा केंद्रों पर केवल नकल के आरोप ही नहीं लगे, बल्कि मूलभूत सुविधाओं की कमी भी उजागर हुई है। छात्रों का कहना है कि बैठने के लिए पर्याप्त फर्नीचर उपलब्ध नहीं था, जिसके कारण कई परीक्षार्थियों को जमीन पर बैठकर परीक्षा देनी पड़ी। इससे उन्हें काफी असुविधा का सामना करना पड़ा और परीक्षा का माहौल भी प्रभावित हुआ।

छात्रों और अभिभावकों ने की निष्पक्ष जांच की मांग

पूरे मामले को लेकर छात्रों और उनके अभिभावकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन तथा जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि परीक्षा केंद्रों पर अनियमितताएं और नकल की घटनाएं हुई हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

साथ ही भविष्य में परीक्षा केंद्रों पर बेहतर व्यवस्थाएं, पर्याप्त संसाधन और निष्पक्ष परीक्षा का माहौल सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है।

उच्च शिक्षा व्यवस्था की साख पर उठे सवाल

मुरैना में सामने आए इस विवाद ने उच्च शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और परीक्षा संचालन की विश्वसनीयता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन इस मामले की जांच के बाद क्या कदम उठाते हैं और छात्रों की शिकायतों का किस तरह समाधान किया जाता है।

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