

अम्बिकेश गुप्ता
कुसमी। भारत सरकार के "टीबी मुक्त भारत अभियान" के अंतर्गत संचालित 100 दिवसीय विशेष टीबी स्क्रीनिंग अभियान को सामरी क्षेत्र में प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। जिला कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह के मार्गदर्शन में सोमवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सामरी द्वारा विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर संभावित टीबी मरीजों की पहचान हेतु व्यापक जांच की गई।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सामरी के प्रभारी डॉ. एस.के. शुक्ला एवं उनकी टीम द्वारा हैंडहेल्ड डिजिटल एक्स-रे मशीन के माध्यम से क्षेत्र के लोगों की स्क्रीनिंग की गई। विशेष रूप से सामरी क्षेत्र में संचालित हिंडालको की खदानों में कार्यरत श्रमिकों एवं आसपास के ग्रामीणों में लंबे समय तक धूल एवं प्रदूषण के संपर्क में रहने के कारण खांसी, सांस संबंधी रोग तथा टीबी जैसी बीमारियों का खतरा अधिक रहता है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचकर जांच अभियान चलाया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने के लिए रोग की शीघ्र पहचान, सटीक निदान एवं समय पर उपचार सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से संभावित मरीजों की एक्स-रे जांच एवं खखार (स्पुटम) परीक्षण कराया जा रहा है, जिससे शुरुआती चरण में ही रोगियों की पहचान कर उपचार प्रारंभ किया जा सके।
सोमवार को आयोजित शिविर में कुल 198 लोगों की एक्स-रे जांच की गई, जिनमें 19 व्यक्तियों की रिपोर्ट में असामान्य (एबनॉर्मल) लक्षण पाए गए। ऐसे सभी संभावित मरीजों के खखार के नमूने लेकर आगे की जांच हेतु भेजे जा रहे हैं, ताकि टीबी की पुष्टि होने पर तत्काल उपचार शुरू किया जा सके।
अभियान की सफलता में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सामरी के प्रभारी डॉ. एस.के. शुक्ला, सुपरवाइजर दशरथ गुप्ता, आरएचओ आशा टोप्पो, आरएचओ (पुरुष) वीरेंद्र भगत सहित क्षेत्र की मितानिनों एवं स्वास्थ्य कर्मियों का सराहनीय योगदान रहा। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय से खांसी, वजन में कमी, बुखार या सांस लेने में परेशानी जैसी समस्या हो तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं और टीबी मुक्त भारत अभियान में सहयोग दें।




















