

सेमी ऑटो एनालाइजर मशीनों से मरीजों को मिल रही सभी आवश्यक पैथोलॉजी जांच सुविधाएं,
बलरामपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) राजपुर में स्थापित फुली ऑटोमेटेड एनालाइजर मशीन को लेकर सामने आई विभिन्न जानकारियों के बीच मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. विजय सिंह ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया है कि मशीन पूरी तरह कार्यशील है तथा इसमें किसी प्रकार की तकनीकी खराबी नहीं है। वर्तमान में राज्य स्तर से आवश्यक रिएजेंट की आपूर्ति नहीं होने के कारण मशीन का संचालन अस्थायी रूप से प्रभावित है।
सीएमएचओ डॉ. विजय सिंह ने संचार टुडे सीजीएमपी न्यूज़ से चर्चा करते हुए बताया कि उन्हें विभिन्न माध्यमों से सूचना मिली थी कि राजपुर सीएचसी में स्थापित फुली ऑटोमेटेड एनालाइजर मशीन खराब हो गई है। सूचना प्राप्त होने के बाद उन्होंने तत्काल संबंधित अधिकारियों से तथ्यात्मक जानकारी एवं प्रतिवेदन मांगा। प्राप्त प्रतिवेदन में स्पष्ट किया गया कि मशीन तकनीकी रूप से पूरी तरह कार्यशील है तथा उसमें किसी प्रकार की खराबी नहीं है। मशीन केवल आवश्यक रिएजेंट उपलब्ध नहीं होने के कारण संचालित नहीं हो पा रही है।
उन्होंने बताया कि रिएजेंट उपलब्ध रहने तक इसी मशीन के माध्यम से मरीजों को नियमित रूप से विभिन्न पैथोलॉजी जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती रही हैं। राज्य स्तर से रिएजेंट की आपूर्ति पुनः होते ही मशीन का संचालन तत्काल प्रारंभ कर दिया जाएगा।
सीएमएचओ ने बताया कि फुली ऑटोमेटेड एनालाइजर मशीन के संचालन प्रभावित होने के बावजूद मरीजों की जांच सेवाओं पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा है। अस्पताल में उपलब्ध दो सेमी ऑटो एनालाइजर मशीनें आवश्यक रिएजेंट के साथ नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं, जिनके माध्यम से मरीजों की आवश्यक पैथोलॉजी जांचें लगातार की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में अस्पताल में आने वाले मरीजों के ब्लड, सीरम, यूरिन सहित अन्य आवश्यक पैथोलॉजिकल जांचें नियमित रूप से की जा रही हैं। उपलब्ध संसाधनों के आधार पर सभी जांच सेवाएं निर्बाध रूप से संचालित हैं तथा मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जा रही है।
डॉ. विजय सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों में मशीन के खराब होने संबंधी जो जानकारी प्रसारित हुई थी, वह तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। मशीन पूरी तरह कार्यशील है और केवल रिएजेंट की अनुपलब्धता के कारण उसका उपयोग अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ है।




















