बलरामपुर:  खरीफ मौसम को देखते हुए जिले में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराई जा रही है। कृषि विभाग द्वारा निरंतर जिले की 37 सहकारी समितियों में विभिन्न प्रकार के उर्वरकों का पर्याप्त भण्डारण सुनिश्चित किया गया है, ताकि किसानों को खेती-किसानी के कार्यों में किसी प्रकार की परेशानी न हो। वर्तमान में जिले में कुल 13456.1 टन खाद का भण्डारण किया गया है, और किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार समितियों से लगातार खाद का उठाव भी कर रहे हैं।

उप संचालक कृषि ने बताया कि खरीफ वर्ष 2026 के लिए किसानों की मांग को ध्यान में रखते हुए यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी एवं एमओपी सहित विभिन्न उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया गया है। अब तक जिले के किसानों द्वारा 6258.19 टन खाद का उठाव किया जा चुका है। वर्तमान में समितियों में यूरिया 3594.57 टन, डीएपी 1143.65 टन, एसएसपी 1127.05 टन तथा एमओपी 452 , एनपीके 880.60 टन खाद शेष उपलब्ध है।

उन्होंने बताया कि विकासखण्ड बलरामपुर की 7 सहकारी समितियों में 1897 टन खाद का भण्डारण किया गया, जिसमें से किसानों द्वारा 903.29 टन खाद का उठाव किया जा चुका है तथा 993.71 टन खाद उपलब्ध है। इसी प्रकार विकासखण्ड रामचन्द्रपुर की 6 समितियों में 2972.52 टन खाद का भण्डारण किया गया, जिसमें से 1574.89 टन खाद का उठाव तथा 1397.63 टन खाद शेष है।

विकासखण्ड राजपुर की 6 समितियों में 3938.51 टन खाद का भण्डारण किया गया है। यहां किसानों द्वारा 2220.02 टन खाद का उठाव किया जा चुका है तथा 1718.50 टन खाद उपलब्ध है। विकासखण्ड शंकरगढ़ की 4 समितियों में 1005.47 टन खाद का भण्डारण किया गया, जिसमें से 257.62 टन खाद का उठाव एवं 747.85 टन खाद शेष है।

विकासखण्ड कुसमी की 4 समितियों में 1127.86 टन खाद का भण्डारण किया गया है, जिसमें से किसानों ने 155.07 टन खाद प्राप्त किया है तथा 972.79 टन खाद उपलब्ध है। इसी प्रकार विकासखण्ड वाड्रफनगर की 10 समितियों में 2514.71 टन खाद का भण्डारण किया गया। जिसमें से 1147.31 टन खाद का उठाव किया जा चुका है तथा 1367.41 टन खाद वर्तमान में उपलब्ध है।

किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार समितियों से खाद का उठाव करें तथा खरीफ फसलों की बुआई से पूर्व आवश्यक कृषि आदानों की व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित कर लें। विभाग द्वारा उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण पर सतत निगरानी रखी जा रही है, साथ ही किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े ।

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