

बेहतर समन्वय कर नशे के अवैध कारोबार पर करें कड़ी कार्रवाई : कलेक्टर अजीत वसंत
अधिकारियों को आपसी समन्वय, सजगता एवं सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश
सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन आवर में सहायता हेतु राहवीर योजना से जुड़ने नागरिकों को प्रोत्साहित करने पर दिया गया जोर
अम्बिकापुर।कलेक्टर अजीत वसंत एवं पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले की शांति एवं कानून व्यवस्था, नारको को-ऑर्डिनेशन (NCORD) तथा सड़क सुरक्षा से संबंधित संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय, सजगता एवं सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर सुनील नायक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल सहित पुलिस, राजस्व, वन, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, परिवहन, नगर पालिका एवं आबकारी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सघन जांच एवं कड़ी कार्रवाई के निर्देश देते हुए विभागवार प्रगति, चुनौतियों और आगामी कार्ययोजनाओं की समीक्षा की तथा सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि नशे का कारोबार एक गंभीर सामाजिक समस्या है और अधिकांश अपराधों की जड़ नशा ही होता है। कलेक्टर ने अवैध शराब, गांजा, अफीम, नशीले सिरप, इंजेक्शन एवं अन्य मादक पदार्थों के अवैध व्यापार में संलिप्त व्यक्तियों की जानकारी एकत्र कर उनके विरुद्ध त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही खाद्य एवं औषधि विभाग को मेडिकल दुकानों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से स्थापित कराने तथा प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर गहन जांच और सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए।
कलेक्टर अजीत वसंत ने स्कूल एवं कॉलेज परिसरों के 100 गज के दायरे में तंबाकू एवं तंबाकूजनित उत्पादों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशे से संबंधित गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की सूचना प्राप्त होने पर नगर निगम, पुलिस विभाग एवं राजस्व अमले द्वारा संयुक्त रूप से तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में जिले की शांति एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों के साथ विभागवार चर्चा की तथा एसडीएम, एसडीपीओ एवं थाना प्रभारियों को नियमित पेट्रोलिंग, सतत निगरानी और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी संभावित स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूर्व तैयारी, त्वरित सूचना तंत्र एवं ठोस कार्ययोजना आवश्यक है। कलेक्टर ने अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों पर लगातार नजर रखने तथा किसी भी परिस्थिति में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर अजीत वसंत ने अधिकारियों को समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों, कोटवारों एवं पटेलों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने तथा स्थानीय स्तर की समस्याओं एवं संभावित संवेदनशील मुद्दों की जानकारी लेकर उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने असामाजिक तत्वों एवं अवांछित गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने के साथ ही सूचना तंत्र को और अधिक सुदृढ़ एवं सक्रिय बनाने पर जोर दिया। बैठक में धर्मांतरण, खनन गतिविधियों, भूमि अधिग्रहण तथा अवैध पट्टों से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि ऐसे संवेदनशील विषयों पर गंभीरता, सतर्कता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जिले में शांति, सौहार्द एवं कानून व्यवस्था प्रभावी रूप से बनी रहे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने गांजा की अवैध खेती पर विशेष निगरानी रखने तथा इसकी जानकारी तत्काल पुलिस प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों एवं पड़ोसी जिलों से आने वाली बसों, अन्य वाहनों तथा कोरियर एजेंसियों की नियमित जांच की जाए और अवैध शराब सहित नशे के कारोबार के विरुद्ध गंभीरता एवं सतर्कता के साथ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए नशे के अवैध नेटवर्क पर अंकुश लगाने पर जोर दिया। साथ ही समाज कल्याण विभाग को नशामुक्ति एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का व्यापक संचालन कर युवाओं एवं आमजन को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने कहा कि अनुविभाग एवं थाना स्तर पर राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों के बीच नियमित संवाद, समन्वय और सूचनाओं का आदान-प्रदान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहकर आमजन से सतत संवाद स्थापित करने, स्थानीय समस्याओं एवं संवेदनशील मुद्दों की जानकारी समय पर प्राप्त करने तथा उनके त्वरित एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन आवर में सहायता हेतु राहवीर योजना से जुड़ने नागरिकों को प्रोत्साहित करने पर दिया गया जोर
बैठक में सड़क सुरक्षा की समीक्षा करते हुए कलेक्टर अजीत वसंत एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल ने जिले के दुर्घटना जनित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) की अनुभगवार समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनजागरूकता गतिविधियों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने शासन की राहवीर योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को एक घंटा यानी ‘गोल्डन आवर’ के भीतर उपचार उपलब्ध कराना जीवन रक्षक सिद्ध हो सकता है। इसके लिए आम नागरिकों को योजना की जानकारी देकर दुर्घटना पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आने हेतु प्रोत्साहित किया जाए।
राहवीर योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को एक घंटा यानी गोल्डन आवर के भीतर अस्पताल अथवा ट्रॉमा सेंटर पहुंचाकर उसकी जान बचाने में सहयोग करने वाले नागरिक को शासन द्वारा 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशंसा पत्र प्रदान किया जाता है। साथ ही राज्य स्तर पर चयनित 10 उत्कृष्ट राहवीरों को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर नामांकित कर 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि, ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र से सम्मानित किया जाता है। योजना के तहत सहायता करने वाले व्यक्ति को पुलिस अथवा अस्पताल द्वारा अनावश्यक पूछताछ या कानूनी प्रक्रिया में नहीं उलझाया जाता, जिससे नागरिक बिना किसी भय के दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए आगे आ सकते हैं।
कलेक्टर ने ब्लैक स्पॉट सुधार, अवैध पार्किंग पर नियंत्रण, रंबल स्ट्रिप निर्माण, टर्निंग प्वाइंट पर संकेतक चिन्हों की स्थापना, स्पीड ब्रेकर निर्माण एवं दुर्घटना संभावित स्थलों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अवैध पार्किंग के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने तथा सड़क सुरक्षा संबंधी आवश्यक व्यवस्थाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।





















