

उज्जैन। मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन और राजस्थान के कोटा के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है। लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए उज्जैन-कोटा मेमू (MEMU) ट्रेन सेवा शुरू कर दी गई है। इस नई रेल सेवा से दोनों शहरों के बीच आवागमन अधिक सुगम, किफायती और सुविधाजनक हो जाएगा।
नागदा रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। इस सेवा के शुरू होने से लाखों यात्रियों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
उज्जैन से कोटा तक का समय और मार्ग
ट्रेन संख्या 61623 प्रतिदिन उज्जैन से दोपहर 12:30 बजे रवाना होगी और शाम 7:05 बजे कोटा पहुंचेगी।
यात्रा के दौरान ट्रेन नागदा, विक्रमगढ़ आलोट, चौमहला, शामगढ़, भवानीमंडी और रामगंजमंडी सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर ठहरेगी।
कोटा से उज्जैन के लिए भी नियमित सेवा
ट्रेन संख्या 61624 प्रतिदिन कोटा से सुबह 5:40 बजे प्रस्थान करेगी और दोपहर 12:00 बजे उज्जैन पहुंचेगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पहले यह ट्रेन केवल कोटा और चौमहला के बीच संचालित होती थी, लेकिन यात्रियों की सुविधा को देखते हुए इसका विस्तार उज्जैन तक कर दिया गया है।
31 स्टेशनों से होकर गुजरेगी ट्रेन
उज्जैन और कोटा के बीच यह मेमू ट्रेन कुल 31 रेलवे स्टेशनों को जोड़ते हुए संचालित होगी। इससे पश्चिम रेलवे क्षेत्र के अनेक छोटे और मध्यम स्टेशनों के यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
श्रद्धालुओं और छात्रों को मिलेगा विशेष फायदा
इस नई सेवा से राजस्थान के कोटा और आसपास के क्षेत्रों से बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा आसान होगी। वहीं उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों के छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों तथा अन्य यात्रियों के लिए कोटा तक पहुंचना पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।
क्षेत्रीय संपर्क को मिलेगा बढ़ावा
रेलवे के इस कदम से मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होगा। साथ ही शिक्षा, व्यापार, पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। यात्रियों का मानना है कि नियमित और सस्ती रेल सेवा शुरू होने से दोनों शहरों के बीच आवागमन में काफी सुधार आएगा।





















