बालोद: भारत शासन द्वारा अधिसुचित एक्जोटिक मांगूर (क्लेरियस गेरिपिनियस) तथा बींग हेड (हाइपोप्थेलमिक्थीस नोबीलीस) के पालन पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है। मछली पालन विभाग के सहायक  संचालक ने बताया कि राज्य शासन द्वारा भी छत्तीसगढ़ मत्स्य क्षेत्र (संशोधन) अधिनियम 2015  से जारी अधिसूचना के अंतर्गत प्रदेश में उक्त प्रजाति की मछलीयों के पालन, संर्वधन, आयात, निर्यात, विक्रय, परिवहन तथा विपणन के लिए ’प्रतिषिद्ध मत्स्य’ घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि अवैधानिक रूप से प्रतिबंधित मछलीयों के पाए जाने पर छत्तीसगढ राजपत्र (असाधरण) में 01 जनवरी 2026 को प्रकाशित छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) (द्वितीय) अधिनियम, 2025 के अनुसूची 04 अनुसार, छत्तीसगढ़ मत्स्य क्षेत्र अधिनियम 1948 की धारा 05 के तहत 25 हजार रुपए तक की शास्ति से दंडित किये जाने तथा पाली गई मछलीयों के मत्स्यबीज एवं भंडारण को तत्काल नष्ट करने का प्रावधान है।

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