बलरामपुर/राजपुर। राजपुर क्षेत्र में पंचायत सचिव संघ और पत्रकार के बीच शुरू हुआ विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है। दैनिक श्रमबिन्दु के बलरामपुर ब्यूरो प्रमुख एवं अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार फाउंडेशन के सचिव उमेश सिंह ने पुलिस अधीक्षक बलरामपुर के नाम थाना प्रभारी राजपुर को शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि उनके विरुद्ध असत्य एवं भ्रामक आरोप लगाकर उनकी तथा उनकी मीडिया संस्था की प्रतिष्ठा धूमिल करने का प्रयास किया गया है।

शिकायत में उमेश सिंह ने बताया कि 29 मई 2026 को छत्तीसगढ़ पंचायत सचिव संघ, जनपद पंचायत राजपुर द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राजपुर को एक शिकायत पत्र भेजा गया, जिसमें उनके विरुद्ध विभिन्न आरोप लगाए गए। उनका कहना है कि शिकायत पत्र में जिन समाचारों का उल्लेख किया गया है, उनमें से कोई भी समाचार उनके द्वारा प्रकाशित नहीं किया गया था। इसके बावजूद बिना किसी तथ्यात्मक जांच और पर्याप्त साक्ष्य के उनके समाचार पत्र दैनिक श्रमबिन्दु का नाम जोड़कर आरोप लगाए गए।

उमेश सिंह का आरोप है कि संबंधित शिकायत पत्र को विभिन्न माध्यमों से सार्वजनिक कर सोशल मीडिया एवं समाचार माध्यमों में प्रसारित कराया गया, जिससे उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा और उनकी मीडिया संस्था की छवि को गंभीर क्षति पहुंची है। उन्होंने इसे मानहानि और पेशेवर साख को नुकसान पहुंचाने का प्रयास बताया है।उन्होंने शिकायत की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर, जिला पंचायत सीइओ और दैनिक श्रमबिन्दु के प्रधान संपादक को सूचनार्थ प्रेषित की है।

पहले वसूली और वीडियो वायरल का मामला उठा था

जानकारी के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार फाउंडेशन के सचिव उमेश सिंह ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री, संभाग आयुक्त, कलेक्टर तथा जिला पंचायत सीईओ को ज्ञापन सौंपकर पंचायत सचिव संघ के कुछ पदाधिकारियों पर ग्राम पंचायतों से कथित रूप से "मीडिया विज्ञापन" के नाम पर राशि वसूली किए जाने संबंधी शिकायत विभिन्न विभागों को भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

ज्ञापन में कथित वसूली, पत्रकार को बदनाम करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर निजी वीडियो वायरल किए जाने, संभावित साइबर अपराध, दूरभाष वार्ता के माध्यम से दबाव बनाने तथा जनपद पंचायत राजपुर में लंबे समय से पदस्थ सचिवों के कार्यकाल और स्थानांतरण प्रक्रिया की जांच कराने की मांग उठाई गई थी।

निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

उमेश सिंह ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि पंचायत सचिव संघ द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यह पता लगाया जाए कि आरोपों का तथ्यात्मक आधार क्या है। उन्होंने कहा है कि यदि आरोप असत्य एवं निराधार पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी व्यक्ति अथवा संस्था की प्रतिष्ठा को इस प्रकार नुकसान न पहुंचाया जा सके।फिलहाल मामले में पत्रकार उमेश सिंह ने इसे अपनी मानहानि बताते हुए पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की है।

विभागीय प्रक्रिया पर भी उठे सवाल

राजपुर जनपद पंचायत सीईओ संजय दुबे ने बताया कि छत्तीसगढ़ पंचायत सचिव संघ, जनपद पंचायत राजपुर द्वारा शिकायत पत्र जारी करने से पूर्व अपने विभागीय उच्च अधिकारियों, जिला पंचायत सीईओ एवं जनपद पंचायत राजपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को इसकी जानकारी नहीं दी गई है।

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