बलरामपुर: कलेक्टर  चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन  जिलेभर में खेत बचाओ अभियान का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती तथा संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

उपसंचालक कृषि के नेतृत्व में जिले के सभी विकासखंडों एवं ग्राम पंचायतों में आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान किसानों को रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति, पर्यावरण तथा मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लाभों से अवगत कराते हुए किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।अभियान के अंतर्गत किसानों को जैविक खेती में उपयोग होने वाले विभिन्न संसाधनों, अन्य प्राकृतिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई। कार्यक्रमों में किसानों को रसायन मुक्त खेती अपनाने तथा मृदा संरक्षण का संकल्प भी दिलाया जा रहा है।
इसी क्रम में ग्राम जरहाडीह में आयोजित विशेष शिविर में किसानों को नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग, उनके लाभ तथा संतुलित उर्वरक प्रबंधन की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही प्राकृतिक खेती मिशन योजना के अंतर्गत ......हितग्राहियों को जैविक घोल तैयार करने के लिए जार एवं ड्रम वितरित किया गया।

कृषि विभाग द्वारा किसानों को नियमित मृदा परीक्षण कराने तथा हरी खाद के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया गया। मृदा परीक्षण के माध्यम से खेत में उपलब्ध पोषक तत्वों की सही जानकारी प्राप्त होती है, जिससे आवश्यकता के अनुसार उर्वरकों का उपयोग किया जा सकता है। इससे खेती की लागत कम होने के साथ-साथ भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है।

किसानों को मृदा नमूना लेने की वैज्ञानिक विधि की भी जानकारी दी गई। उन्हें खेत के विभिन्न स्थानों से 15 से 20 सेंटीमीटर गहराई तक मिट्टी लेकर मिश्रित नमूना तैयार करने तथा उसे परीक्षण के लिए निकटतम मृदा परीक्षण प्रयोगशाला में जमा कराने की सलाह दी गई।

भूमि की उर्वरता बढ़ाने के लिए ढैंचा, सनई, मूंग, उड़द एवं बरसीम जैसी हरी खाद वाली फसलों के उपयोग की जानकारी दी गई। इन फसलों को खेत में उगाकर 40 से 50 दिन बाद मिट्टी में मिलाने से जैविक पदार्थ एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, जिससे भूमि का स्वास्थ्य बेहतर होता है और दीर्घकाल में फसलों की उत्पादकता में वृद्धि होती है।

कलेक्टर  चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में कृषि विभाग द्वारा किसानों को वैज्ञानिक, टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि पद्धतियों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा हैं। खेत बचाओ अभियान के माध्यम से जिले में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ मृदा संरक्षण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

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