रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सड़क जैसी परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे बच्चों को सुरक्षित बचपन, शिक्षा और सम्मानजनक जीवन से जोड़ने के लिए 01 जून से 30 जून तक राज्यव्यापी विशेष सघन अभियान चलाया जा रहा है। “बाल सक्षम नीति-2022” के तहत सड़क पर रहने वाले, भिक्षावृत्ति, बाल श्रम एवं अपशिष्ट संग्रहण में संलग्न बच्चों की पहचान कर उनका रेस्क्यू और पुनर्वास किया जा रहा है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशानुसार बच्चों को सुरक्षित आश्रय, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। जिला कलेक्टरों के नेतृत्व में गठित विशेष रेस्क्यू टीमों द्वारा चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में अभियान चलाकर बच्चों को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है।

रेस्क्यू किए गए बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर उनकी आवश्यकतानुसार संस्थागत देखभाल, पारिवारिक पुनर्स्थापन एवं अन्य पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही बच्चों और उनके परिवारों को विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं वित्तीय सहायता से भी जोड़ा जा रहा है।

राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों का पुनर्वास केवल एक माह का अभियान नहीं, बल्कि सतत प्रक्रिया है। मिशन वात्सल्य अंतर्गत बाल स्वराज पोर्टल पर बच्चों की जानकारी नियमित रूप से अपडेट की जा रही है तथा वर्षभर पुनर्वास की कार्यवाही जारी रखी जा रही है।

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