कोलकाता। पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद अवैध घुसपैठ रोकने को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। चुनाव के दौरान सरकार ने वादा किया था कि सत्ता में आते ही 45 दिनों के भीतर भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। अब इस दिशा में कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है।

इसी बीच कूचबिहार के तीन बीघा गलियारा क्षेत्र में विवाद की स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि बांग्लादेश सीमा सुरक्षा बल की ओर से बाड़ लगाने के काम में रुकावट डालने की कोशिश की गई। इसके बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

मिथुन चक्रवर्ती की चेतावनी से बढ़ी हलचल

भाजपा नेता और अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती कूचबिहार में एक कैंसर उपचार केंद्र के दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीमा विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश सीमा सुरक्षा बल की ओर से काम रोकने की बात कही गई थी। अगर सच में ऐसा किया गया है तो आगे क्या होगा, यह सब लोग देखेंगे। उन्होंने कहा कि अभी वह इस मामले पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते और लोगों को आने वाले समय का इंतजार करना चाहिए।

सीमा सुरक्षा को लेकर सरकार का सख्त रुख

सरकार का कहना है कि अवैध घुसपैठ रोकना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी वजह से सीमा सुरक्षा मजबूत करने और बाड़ लगाने का काम तेजी से कराया जा रहा है।

तीन बीघा गलियारा बना संवेदनशील केंद्र

कूचबिहार का तीन बीघा गलियारा भारत और बांग्लादेश सीमा से जुड़ा बेहद संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। सीमा सुरक्षा और आवाजाही को लेकर यह इलाका लंबे समय से चर्चा में बना रहता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की हलचल दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण विषय बन जाती है।

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