नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। लोकसभा में इस बिल पर सहमति न बनने और आगे की प्रक्रिया प्रभावित होने के बाद अब सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।इस पूरे घटनाक्रम के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस को घेरने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।

बीजेपी का कांग्रेस पर हमला, बिल के विरोध को बताया बड़ी राजनीतिक चूक

बीजेपी नेतृत्व का कहना है कि महिला आरक्षण बिल के विरोध या समर्थन में कमी के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि विपक्ष ने इस ऐतिहासिक पहल को कमजोर करने का प्रयास किया है, जिसका असर सीधे तौर पर महिलाओं के अधिकारों पर पड़ा है।इसी मुद्दे को लेकर बीजेपी ने अब राजनीतिक मोर्चा और मजबूत करने का फैसला किया है।

राष्ट्रीय स्तर पर बैठक, बनी रणनीति को जमीन पर उतारने की तैयारी

बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने इस मुद्दे पर सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और संगठन पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में यह तय किया गया कि कांग्रेस की भूमिका को जनता तक बड़े स्तर पर पहुंचाया जाएगा।पार्टी ने निर्देश दिया है कि विधानसभा स्तर पर विशेष सत्र आयोजित कर विपक्ष के रवैये पर चर्चा की जाए और उसे सार्वजनिक रूप से उजागर किया जाए।

बूथ स्तर तक पहुंचेगा अभियान, जनता को बताया जाएगा पक्ष

बीजेपी की रणनीति सिर्फ राजनीतिक मंच तक सीमित नहीं रहेगी। पार्टी अब इस मुद्दे को बूथ स्तर तक ले जाने की तैयारी में है।योजना के अनुसार, महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस की भूमिका को लेकर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा ताकि मतदाताओं तक संदेश पहुंचाया जा सके।

विपक्षी सांसदों के क्षेत्रों में भी होगा विरोध प्रदर्शन

पार्टी ने यह भी निर्णय लिया है कि जिन विपक्षी दलों के सांसदों ने इस बिल का विरोध किया है, उनके संसदीय क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।इस अभियान को जल्द ही देशभर में शुरू किए जाने की संभावना है, जिससे राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो सकता है।

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