

अम्बिकेश गुप्ता
कुसमी। सामरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) के संचालन को लेकर चल रहा विवाद अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। इस मुद्दे पर स्थानीय स्तर से उठी आवाज अब जनप्रतिनिधियों के माध्यम से शासन तक पहुंच चुकी है। क्षेत्र की विधायक उद्धेश्वरी पैकरा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को पत्र लिखकर डाइट का संचालन नियमानुसार विकासखंड कुसमी में ही सुनिश्चित किए जाने की मांग की है।
विधायक ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि कुसमी स्थित शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र का विधिवत उन्नयन कर उसे जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) का दर्जा प्रदान किया जा चुका है तथा इसके लिए आवश्यक भवन एवं आधारभूत संरचना का निर्माण भी पूर्ण हो चुका है। इसके बावजूद वर्तमान में संस्थान का संचालन जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बलरामपुर से किया जाना न केवल प्रशासनिक विसंगति है, बल्कि शासन के निर्धारित प्रावधानों के भी विपरीत है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार डाइट का संचालन उसी स्थान से किया जाना चाहिए, जहां उसका स्वीकृत भवन एवं अधोसंरचना उपलब्ध हो। कुसमी में डाइट के संचालन से स्थानीय शिक्षकों को प्रशिक्षण हेतु अनावश्यक दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी। साथ ही, स्थानीय स्तर पर नियमित एवं प्रभावी प्रशिक्षण से शैक्षणिक गुणवत्ता में भी सकारात्मक सुधार संभव है।
गौरतलब है कि इस पूरे मामले को लेकर सबसे पहले “संचार टुडे सीजीएमपी न्यूज” द्वारा प्रमुखता से समाचार प्रकाशित कर डाइट संचालन में उत्पन्न असमंजस एवं अनियमितता को उजागर किया गया था। खबर के प्रकाशन के बाद यह विषय जनचर्चा में आया और धीरे-धीरे जनआंदोलन का स्वरूप लेने लगा। इसी क्रम में युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष मुजस्सम नजर ने भी तत्परता दिखाते हुए मुख्यमंत्री एवं कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने अन्य कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ एसडीएम कुसमी को ज्ञापन देते हुए डाइट का संचालन कुसमी में ही किए जाने की मांग रखी थी। ज्ञापन में स्थानीय शिक्षकों एवं कर्मचारियों को हो रही व्यावहारिक कठिनाइयों का भी उल्लेख किया गया था।
अब विधायक उद्धेश्वरी पैकरा की औपचारिक पहल के बाद यह मामला और अधिक प्रभावी ढंग से शासन के समक्ष प्रस्तुत हो गया है। जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक संगठनों की लगातार सक्रियता से यह स्पष्ट है कि कुसमी में डाइट संचालन की मांग अब व्यापक जनसमर्थन प्राप्त कर चुकी है। ऐसी स्थिति में शासन-प्रशासन के लिए यह आवश्यक हो जाता है कि वह तथ्यों एवं नियमों के आधार पर शीघ्र निर्णय लेते हुए स्थानीय हितों को प्राथमिकता दे।
































