रायगढ़: रायगढ़ पुलिस ने फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के जरिए लोगों को ठगने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का बड़ा खुलासा किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह को मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने दरोगापारा स्थित एक केंद्र में दबिश देकर इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया।

पुलिस टीम, जिसमें एडिशनल एसपी अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, साइबर प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक और महिला थाना की संयुक्त टीम शामिल थी, ने निधि परिवहन केंद्र पर छापेमारी की। जांच में सामने आया कि केंद्र संचालक कपिल गर्ग, जिसकी लोक सेवा केंद्र आईडी एक माह पहले निरस्त हो चुकी थी, वहां फर्जी “इंडिया मैट्रिमोनी” नाम से ऑनलाइन विवाह प्लेटफॉर्म चला रहा था।गिरोह में शामिल युवतियां फर्जी जीमेल आईडी और मोबाइल नंबरों के जरिए यूट्यूब चैनल बनाकर नकली प्रोफाइल के वीडियो और फोटो अपलोड करती थीं। इसके बाद इच्छुक लोगों से संपर्क कर उनका बायोडाटा लिया जाता और रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर यूपीआई के जरिए पैसे वसूले जाते थे। आगे बातचीत और मीटिंग के नाम पर क्यूआर कोड भेजकर अतिरिक्त रकम ली जाती थी।

ठगी का यह सिलसिला तब तक चलता था, जब तक पीड़ित से अधिकतम राशि नहीं वसूल ली जाती। बाद में यह कहकर संपर्क तोड़ दिया जाता कि संबंधित युवती को रिश्ता पसंद नहीं है, और फिर नए शिकार की तलाश शुरू कर दी जाती थी।कपिल गर्ग से पूछताछ के बाद पुलिस ने शांति देवी सोसायटी ऑफ एजुकेशन केंद्र में भी दबिश दी, जहां संचालिका हिमांशु मेहर द्वारा पिछले तीन वर्षों से इसी तरह की गतिविधियों में संलिप्त होने की जानकारी मिली। जांच के दौरान लैपटॉप से फोटोशॉप के जरिए दस्तावेजों में छेड़छाड़ के सबूत और विभिन्न शासकीय विभागों की सील-मुहर भी बरामद की गई हैं।पुलिस ने दोनों केंद्रों के संचालकों और संबंधित युवतियों से पूछताछ शुरू कर दी है तथा मामले की जांच जारी है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने आमजन से अपील की है किऑनलाइन मैट्रिमोनियल साइट या सोशल मीडिया पर किसी भी संदिग्ध प्रोफाइल से सावधान रहें और किसी भी प्रकार की ठगी की सूचना तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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