

नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा में शुरू हुआ कर्मचारियों का आंदोलन अब हिंसक रूप ले चुका है। सैलरी वृद्धि, महंगाई और श्रम सुविधाओं की मांग को लेकर शुरू हुआ यह प्रदर्शन धीरे धीरे आसपास के राज्यों तक फैलने लगा है, जिससे औद्योगिक माहौल प्रभावित हो रहा है।
तीन दिन के प्रदर्शन के बाद बिगड़े हालात
कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले तीन दिनों से सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन सोमवार सुबह स्थिति अचानक बेकाबू हो गई। आक्रोशित कर्मचारियों ने कई फैक्ट्रियों में पथराव किया और वाहनों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। कुछ वाहनों को आग के हवाले करने की भी जानकारी मिली है।
महंगाई और कम वेतन से नाराज कर्मचारी
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन उनकी सैलरी में कोई उचित वृद्धि नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि 13 हजार रुपये की मासिक आय में जीवनयापन बेहद मुश्किल हो गया है, जबकि समान काम के लिए अन्य जगहों पर अधिक वेतन मिल रहा है।
आठ साल बाद भी मामूली बढ़ोतरी का आरोप
एक कर्मचारी ने बताया कि वह पिछले आठ वर्षों से काम कर रहा है, लेकिन उसकी सैलरी अभी भी लगभग 13,500 रुपये के आसपास ही है। उनका कहना है कि किराया, राशन और अन्य खर्चों के बाद हर महीने उधार लेने की नौबत आ जाती है। कुछ कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि इंक्रीमेंट के नाम पर मात्र 39 रुपये की बढ़ोतरी की गई, जिससे असंतोष और बढ़ गया।
औद्योगिक क्षेत्र में तनाव, सुरक्षा बढ़ाई गई
इस आंदोलन का सीधा असर नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों पर पड़ा है। कई स्थानों पर यातायात बाधित हुआ है और पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

































