

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर माहौल गरम है। बीजेपी और टीएमसी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर कर एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। कई जगहों पर दोनों ही दलों के कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट भी हो रही है। ऐसा ही मामला कूचबिहार जिले के माथाभंगा से सामने आया है।जहां टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने बीजेपी उम्मीदवार सावित्री बर्मन की गाड़ी पर हमला किया और तोड़फोड़ कर दी। माहौल बिगड़ता देख पूरे इलाके में पुलिस और केंद्रीय बलों को तैनात कर दिया गया है। बीजेपी नेताओं ने चुनाव आयोग से मांग की है कि सभी दोषियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
वहीं, दूसरी ओर एनआईए ने मालदा में न्यायिक अधिकारियों के घेराव के मामले में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के एक उम्मीदवार सहित 7 लोगों को हिरासत में लिया है। इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के एक पंचायत सदस्य को भी गिरफ्तार किया गया है।
कांग्रेस उम्मीदवार को लिया गया हिरासत में
यह कार्रवाई मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कवायद में नामों को हटाए जाने के विरोध में मालदा में स्थानीय लोगों द्वारा न्यायिक अधिकारियों के घेराव के संबंध में की गई है। एक अधिकारी के अनुसार, कांग्रेस के मोथाबाड़ी से उम्मीदवार सायम चौधरी को उनके कुछ सहयोगियों के साथ उस समय हिरासत में ले लिया गया जब वह अलीनगर पंचायत क्षेत्र में चुनाव प्रचार कर रहे थे।
NIA को सौंपी गई जांच
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद, निर्वाचन आयोग ने NIA को एक अप्रैल को घेराव की घटना की जांच का जिम्मा सौंपा है। न्यायालय ने इस मुद्दे पर पश्चिम बंगाल प्रशासन की आलोचना की थी। अधिकारी ने कहा, 'प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आईएसएफ के ग्राम पंचायत सदस्य गुलाम रब्बानी को एआईएमआईएम (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) सदस्य मोफक्करुल इस्लाम से पूछताछ के दौरान प्राप्त सुरागों के आधार पर गिरफ्तार किया गया, जिसे पूर्व में राज्य पुलिस ने हिरासत में लिया था।'

































