

छत्तीसगढ़ : बिलासपुर जिले में ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शातिर आरोपी ने मातृत्व वंदना योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर महिलाओं से 88 हजार 400 रुपए ऑनलाइन ठग लिए। आरोपी ने खुद को सिम्स अस्पताल का डॉक्टर बताकर भरोसा जीता और फिर बैंक डिटेल्स हासिल कर वारदात को अंजाम दिया।
मितानिन कार्यकर्ताओं को बनाया निशाना
मामला ग्राम भेड़ीमुड़ा का है, जहां चंचल कश्यप, ममता कश्यप और आकांक्षा कश्यप मितानिन के रूप में काम करती हैं। 9 अप्रैल को एक अज्ञात व्यक्ति ने उमादेवी कश्यप के मोबाइल पर कॉल कर खुद को जिला अस्पताल से जुड़ा डॉक्टर बताया।
आरोपी ने कई हितग्राहियों के नाम और जानकारी बताकर भरोसा कायम किया और मातृत्व वंदना योजना के तहत मिलने वाली राशि को लेकर बातचीत शुरू की।
कॉन्फ्रेंस कॉल में फंसाया जाल
ठग ने कॉल को कॉन्फ्रेंस पर डालकर अन्य महिलाओं से भी संपर्क किया। चंचल कश्यप से पूछा गया कि क्या उनके खाते में 6 हजार रुपए आए हैं। जब महिला ने मना किया, तो आरोपी ने खाते में पहले 5 हजार जमा करने की सलाह दी, ताकि योजना की राशि तुरंत ट्रांसफर हो सके।
महिला ने भरोसा कर खाते में रकम डलवाई, लेकिन कुछ ही देर में 5 हजार 700 रुपए ऑनलाइन कट गए।
पैन कार्ड लिंक का बहाना, फिर खाते से पैसे गायब
इसी तरह ममता कश्यप को कॉल कर बताया गया कि उनके खाते में पैन कार्ड लिंक नहीं होने के कारण राशि अटकी हुई है। आरोपी ने बैंक डिटेल्स लेकर खाते से पैसे निकाल लिए।
वहीं आकांक्षा कश्यप के खाते से अलग अलग ट्रांजेक्शन में करीब 80 हजार रुपए निकाल लिए गए, जिससे कुल ठगी की रकम 88 हजार 400 रुपए तक पहुंच गई।
गांव में मचा हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी
इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। पीड़ित महिलाओं ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।
सावधानी जरूरी, ऐसे ठगी से बचें
इस तरह के मामलों को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी अनजान कॉल पर बैंक डिटेल्स, ओटीपी या खाते की जानकारी साझा करने से बचें। सरकारी योजनाओं के नाम पर आने वाले कॉल की पहले पुष्टि जरूर करें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।

































