

भोपाल में चल रहे मानहानि प्रकरण को लेकर अब कानूनी पेच और गहराता जा रहा है। राहुल गांधी ने एमपी एमएलए कोर्ट द्वारा जारी समन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई हुई।
हाईकोर्ट ने तलब किए दस्तावेज
जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की बेंच ने सुनवाई के दौरान एमपी एमएलए कोर्ट में लंबित इस मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने अब तक जारी सभी आदेशों की प्रतियां भी मांगी हैं, ताकि केस की स्थिति स्पष्ट हो सके।
कार्तिकेय सिंह चौहान को नोटिस
मामले में कार्तिकेय सिंह चौहान को नोटिस जारी किया गया है। हाईकोर्ट ने उन्हें दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
अगली सुनवाई 4 मई को निर्धारित की गई है।
2018 के बयान से शुरू हुआ विवाद
यह पूरा मामला वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान झाबुआ में हुई एक जनसभा से जुड़ा है। उस समय राहुल गांधी ने पनामा पेपर्स का उल्लेख करते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे का नाम लिया था।
बयान पर सफाई के बाद भी बढ़ा मामला
बाद में राहुल गांधी ने अपने बयान को भ्रम की स्थिति बताया था, लेकिन कार्तिकेय सिंह चौहान ने इसे अपनी छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताते हुए मानहानि का केस दर्ज कराया।
IPC की धाराओं के तहत मामला दर्ज
यह प्रकरण भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत दायर किया गया है। भोपाल स्थित एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष मजिस्ट्रेट ने राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी किया था, जिसे रद्द कराने के लिए अब उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है।
आगे क्या होगा
अब सभी की नजर अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां अदालत दस्तावेजों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय करेगी।

































