

अम्बिकेश गुप्ता
कुसमी। नगर पंचायत कुसमी में लंबे समय से जर्जर पड़ी सड़कों को लेकर उठी आवाज आखिरकार असर दिखाने लगी है। वार्ड क्रमांक 07 के पार्षद सकील अंसारी द्वारा लोक निर्माण विभाग को सौंपे गए आवेदन और इस मुद्दे को "संचार टुडे सीजी एमपी न्यूज" पर खबर प्रमुखता से उठाए जाने के बाद विभाग हरकत में आया है। शुक्रवार को राजपुर-कुसमी मुख्य मार्ग पर गड्ढों की मरम्मत एवं डामरीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया।
दरअसल, पार्षद सकील अंसारी ने बाबा चौक से तहसील कार्यालय, बस स्टैंड, शिव मंदिर चौक होते हुए संत अन्ना स्कूल तक जाने वाले मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर विभाग को ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने बताया था कि सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और स्थानीय व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धूल और खराब मार्ग के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी लगातार बनी हुई थी। इस मुद्दे को लेकर स्थानीय लोगों में भी खासा आक्रोश देखा जा रहा था। लोगों का कहना था कि कई सड़कें अभी गारंटी पीरियड में होने के बावजूद ठेकेदार द्वारा मरम्मत नहीं कराई जा रही है, जो सीधे तौर पर नियमों की अनदेखी है।
विभाग ने कसा ठेकेदार पर शिकंजा,गारंटी पीरियड में ठेकेदार की जिम्मेदारी..
ज्ञापन सौंपे जाने व प्रमुखता से खबर सामने आने के बाद लोक निर्माण विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ठेकेदार पर दबाव बनाया। इसके परिणामस्वरूप शुक्रवार को कुसमी नगर में जर्जर सड़कों की मरम्मत का कार्य शुरू हुआ। गड्ढों को भरने के साथ-साथ डामरीकरण कर सड़क को दुरुस्त किया जा रहा है, जिससे आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद है। लोक निर्माण विभाग के एसडीओ ज्योतिष तिग्गा ने बताया कि संबंधित सड़क अभी ठेकेदार की गारंटी अवधि में है। ऐसे में जहां-जहां गड्ढे बने हैं, वहां मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजपुर से कुसमी मार्ग पर सुधार कार्य लगातार जारी रहेगा और सड़क को जल्द पूरी तरह सुगम बनाया जाएगा।
समय रहते नहीं सुधरी तो हो सकता था बड़ा आंदोलन..
स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी थी कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल विभाग द्वारा शुरू किए गए मरम्मत कार्य से लोगों को राहत मिली है, लेकिन स्थायी समाधान और गुणवत्ता बनाए पर सभी की निगाहे टिकी हुई है। हालांकि लोक निर्माण विभाग व ठेकेदार यदि समय पर निगरानी जिम्मेदारी से करता तो सड़क की यह हालत नहीं होती। उधर मरम्मत कार्य के बाद सड़क कितने समय तक टिकाऊ रहती है। यह देखने वाली बात होगी।

































