

Bhopal News: राजधानी भोपाल के साकेत नगर से अवैध कब्जे का एक बड़ा मामला सामने आया है. एक सार्वजनिक पार्क पर अतिक्रमण करके वहां क्रिकेट अकादमी संचालित की जा रही थी. इस अतिक्रमण पर हाई कोर्ट ने सख्ती दिखाई है. पूरे मामले पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने केस की पहली ही सुनवाई के लिए नगर निगम कमिश्नर को 4 सप्ताह के भीतर नगर के पार्क में हुए अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए हैं.
पार्क को व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किराए पर दिया
इस पूरे मामले से जुड़े अधिवक्ता साहिल नायक ने बताया कि साकेत नगर भेल क्षेत्र के सेक्टर-3C को विकसित करते समय भोपाल विकास प्राधिकण ने मास्टर प्लान में पार्क का प्रावधान किया गया था और इसको विकसित भी किया गया था. मामले में आरोप है कि कुछ लोगों ने समिति बनाकर इस पार्क को खेल मैदान में बदल दिया और पार्क में एक किक्रेट अकादमी को व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किराए पर दे दिया.
साकेत नगर क्षेत्र में रहने वाले स्थानियां निवासियों ने जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और पुलिस से इस पूरे घटनाक्रम की शिकायत की है. लेकिन शिकायत के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटा तो उन्हाेंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
कोर्ट 4 सप्ताह का दिया अल्टीमेटम
जबलपुर हाई कोर्ट ने मामले में स्पष्ट किया है कि पार्क में कब्जे को उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई करते 4 सप्ताह के भीतर वैधानिक कार्रवाई कर व्यावसायिक गतिविधियों और अतिक्रमण को हटाया जाए.
कोर्ट ने चेतावनी देते हुए कहा कि तय समय सीमा में कार्रवाई नहीं होने पर नगर निगम कमिश्नर के खिलाफ ‘कंटेम्पट ऑफ कोर्ट’ की कार्रवाई की जाएगी. अब इस पूरे मामले में हाई कोर्ट के निर्देश के बाद अतिक्रमण को हटाने की मुहिम कब से चलेगी इसका इंतजार स्थानियां निवासी कर रहे हैं.

































