MP News: मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के खिलाफ मानहानि केस में हाई कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट तलब की है. हाई कोर्ट में ये याचिका कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की ओर से 2 दशक पहले लगाई गई थी. जिसमें अब कोर्ट ने पूरे मामले में ताजा रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं. अब मामले में अगली सुनवाई 27 अप्रैल को मुकर्रर की गई है.

2003 में बीजेपी नेता के खिलाफ दी थी अर्जी

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने साल 2003 में उमा भारती पर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था. दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा था कि एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उमा भारती ने उनके खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी की थी, जिसके कारण उनकी छवि को नुकसान पहुंचा था. इसको लेकर दिग्विजय ने सीजेएम कोर्ट में अर्जी लगाई थी.

इसके बाद कोर्ट में मामले में सुनवाई की गई. कोर्ट में गवाहों ने बयान दर्ज करवाई. इसमें उमा भारती की तरफ से बीजेपी ने नरेंद्र बिरथरे ने बयान दर्ज करवाए थे. लेकिन दिग्विजय ने सीजेएम कोर्ट में नरेंद्र बिरथरे का एक बार फिर से बयान दर्ज करने की अपील करते हुए अर्जी लगाई थी. जिस कोर्ट ने खारिज कर दिया था.

7 साल बाद होगी नियमित सुनवाई

सीजेएम कोर्ट में अपील खारिज होने के बाद दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर पुनरीक्षण के लिए अपील की थी, लेकिन सीजेएम कोर्ट ने उसे भी खारिज कर दिया. जिसके बाद दिग्विजय सिंह ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी. अब मामले में सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने 22 साल पुराने मानहानि केस में स्टेटस रिपोर्ट मांगी है.

बता दें कि साल 2017 में सीजेएम कोर्ट के दिग्विजय सिंह की याचिका खारिज होन के बाद मामले में कोई भी सुनवाई नहीं हुई थी. लेकिन अब 7 साल बाद 27 अप्रैल को स्टेटस रिपोर्ट तलब होने के बाद 30 अप्रैल को मामले में नियमित सुनवाई होगी. जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकल बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी.

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