

अम्बिकापुर; होली क्रॉस वीमेन्स कॉलेज अम्बिकापुर में 7 एवं 8 अप्रैल को आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस “इंटरडिसिप्लिनरी फ्रंटियर्स इन लाइफ साइंस-2026” का सफल समापन हुआ। इस संगोष्ठी में भारत, अमेरिका और नेपाल के वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं ने भाग लेकर विभिन्न वैज्ञानिक विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया।
कॉन्फ्रेंस का आयोजन कॉलेज के फैकल्टी ऑफ लाइफ साइंस द्वारा प्राचार्य डॉ.शांता जोसफ के मार्गदर्शन में किया गया, जबकि सह-संयोजन डॉ. अशोक कुमार शुक्ला ने किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व कुलपति प्रो. प्रेम प्रकाश सिंह रहे। वहीं प्रो. एम.एल. नायक, प्रो. रिजवान उल्लाह और प्रो. राकेश कुमार सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।पहले दिन विभिन्न विशेषज्ञों ने अपने विचार रखते हुए लाइफ साइंस के विविध पहलुओं पर प्रकाश डाला। प्रो. प्रेम प्रकाश सिंह ने प्लेनरी लेक्चर दिया, जबकि प्रो. राकेश कुमार सिंह ने लीशमैनिया वैक्सीन पर शोध साझा किया। प्रो. एम.एल. नायक ने पर्यावरण संरक्षण पर अपने विचार रखे और प्रो. रिजवान उल्लाह ने वैज्ञानिक सहयोग (कोलैबोरेशन) की आवश्यकता बताई।
दूसरे दिन ऑनलाइन सत्र में अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों ने अपने शोध प्रस्तुत किए। अमेरिका के स्क्रिप्स इंस्टीट्यूट के डॉ. कार्तिक नाडेंला ने फोटोएक्टिवेटेड इंसुलिन डिलीवरी, वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी की डॉ. अंजली यादव ने अल्कोहल एडिक्शन में एपिजेनेटिक्स, नेपाल के डॉ. मनोज धीमरे ने हार्मोनल रेगुलेशन पर प्रस्तुति दी। इसके अलावा अन्य भारतीय शोधकर्ताओं ने भी मानव स्वास्थ्य और जेनेटिक्स से जुड़े महत्वपूर्ण शोध साझा किए।इस संगोष्ठी में करीब 300 शोधार्थियों ने पंजीकरण कराया, जबकि 32 प्रतिभागियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। समापन समारोह में मुख्य अतिथि प्रो. एस.के. सिन्हा ने क्षेत्रीय विकास में शोध प्रयोगशालाओं की भूमिका पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत शोध पोस्टर और मॉडल में रचना मिस्त्री, बुशरा परवीन, आफरीन, रूचि सिंह और अंजु को पुरस्कृत किया गया। मंच संचालन आलोक चक्रवर्ती, जग नारायण सिरदार, मयंक सिंह चौहान, स्वामी प्रकाश और निकिता दास ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. अनुश्री केशरी ने किया।कॉन्फ्रेंस में महाविद्यालय के समस्त स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता रही।
































