

दुर्ग : जिले के भिलाई में मोहन रामटेके आत्महत्या मामले में पुलिस ने अहम कार्रवाई करते हुए कांग्रेस नेता राजू पाल को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं इस मामले में नामजद महिला सहयोगी सोनिया गोस्वामी फरार बताई जा रही है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
मामला स्मृतिनगर पुलिस चौकी क्षेत्र का है, जहां 28 मार्च को मोहन ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी।
घर में फंदे से लटकी मिली थी लाश
जानकारी के अनुसार, 42 वर्षीय मोहन रामटेके कोहका हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में किराए के मकान में रहता था। 28 मार्च की सुबह उसका शव घर के भीतर फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के दौरान एक सुसाइड नोट बरामद किया गया।
सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप
मृतक ने अपने सुसाइड नोट में राजू पाल और सोनिया गोस्वामी को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया। उसने लिखा कि दोनों उसे लगातार मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे और धमकी दे रहे थे।
नोट में यह भी उल्लेख किया गया कि आरोपियों द्वारा दबाव बनाकर फायदा उठाने की कोशिश की जा रही थी और उसने पुलिस से निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई थी।
परिवार ने जताई थी आशंका
मृतक के भाई नवीन रामटेके के मुताबिक, मोहन का किसी से बड़ा विवाद नहीं था। घटना के समय परिवार के सदस्य अस्पताल में थे, जहां उनकी मां का ऑपरेशन होना था, जबकि मोहन घर पर अकेला था।
परिवार ने शुरुआत में मामले को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका भी जताई थी।
कर्ज और दबाव बना वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि मोहन ने राजू पाल और सोनिया गोस्वामी से कुछ रकम उधार ली थी। कर्ज लौटाने को लेकर दोनों उस पर दबाव बना रहे थे, जिससे वह मानसिक तनाव में आ गया।
इसी तनाव के चलते उसने आत्मघाती कदम उठाया।
आगे की जांच जारी
पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार महिला की तलाश जारी है। मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाई जा सके।

































