छत्तीसगढ़। जनगणना 2027 के पहले चरण की तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन आम लोगों के मन में अपनी निजी और संपत्ति संबंधी जानकारी साझा करने को लेकर संकोच और डर भी देखा जा रहा है। इन आशंकाओं को दूर करते हुए जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना में दी गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रहेंगी और किसी भी स्थिति में सार्वजनिक नहीं की जाएंगी।

अधिकारियों ने बताया कि नागरिकों से ली गई जानकारी न केवल गोपनीय होगी, बल्कि यह सूचना के अधिकार (आरटीआई) के दायरे में भी नहीं आएगी। यानी कोई भी व्यक्ति इन आंकड़ों को आरटीआई के माध्यम से हासिल नहीं कर सकेगा। इसके अलावा, इन जानकारियों को किसी भी न्यायालय में साक्ष्य या अन्य प्रयोजन के लिए भी प्रस्तुत नहीं किया जाएगा।

जनगणना के प्रथम चरण में घर-घर जाकर 33 बिंदुओं पर जानकारी ली जाएगी। इसमें मकान, सुविधाएं, संसाधन और परिवार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि ये डेटा केवल सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, संसाधनों के उचित वितरण और विकास कार्यों की योजना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

सहूलियत के लिए नागरिक स्वयं ऑनलाइन (सेल्फ-एन्यूमरेशन) के माध्यम से मोबाइल या कंप्यूटर से भी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।

जिला प्रशासन ने अपील की है कि जब प्रगणक घर आएं तो सभी लोग ईमानदारी और बिना किसी संकोच के सही जानकारी दें। आपकी दी गई जानकारी पूरी तरह सुरक्षित है, इसलिए जनगणना में भाग लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

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