

अंबिकापुर: सरगुजा वनमंडल के अंतर्गत संचालित संजय वन वाटिका में आवारा कुत्तों के हमले से हिरणों की मौत का गंभीर मामला सामने आया है। 21 मार्च की तड़के करीब 3 से 3:30 बजे के बीच आवारा कुत्ते बाड़े की फेंस के नीचे से घुसकर शाकाहारी पशु बाड़ों में पहुंच गए और वहां मौजूद हिरणों पर हमला कर दिया। इस हमले में 14 हिरण गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें 6 कोटरा हिरण, 6 चीतल और 2 चौसिंघा शामिल थे। सभी की मौके पर ही मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार घटना की जानकारी सुबह करीब 8:30 बजे पार्क में पदस्थ कर्मचारियों और वन प्रबंधन समिति शंकरघाट के सदस्यों द्वारा अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलते ही उप वनमंडलाधिकारी, संयुक्त वनमंडलाधिकारी, पार्क प्रभारी सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सभी मृत हिरणों के शव ताजा अवस्था में पाए गए। उनके शरीर के विभिन्न हिस्सों जैसे गर्दन, पीठ और पिछले भाग में गहरे घाव और काटने के निशान मिले, जिससे प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हुआ कि हमला आवारा कुत्तों द्वारा किया गया था।घटना के बाद मृत हिरणों का पोस्टमार्टम वन्यजीव चिकित्सक डॉ. अजीत पांडेय एवं स्थानीय चिकित्सक डॉ. शौरी की निगरानी में कराया गया। आवश्यक सैंपल और विसरा सुरक्षित किए गए। इसके बाद शाम करीब 4:30 बजे वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सभी मृत हिरणों का नियमानुसार दाह संस्कार किया गया।इसी दौरान एक घायल चीतल का उपचार जारी था, जिसकी 22 मार्च की सुबह करीब 9 बजे मौत हो गई। इस प्रकार इस घटना में मृत हिरणों की संख्या बढ़कर 15 हो गई।
जांच प्रतिवेदन में सामने आया कि रात्रि ड्यूटी पर तैनात चौकीदारों द्वारा अपने कर्तव्यों का समुचित निर्वहन नहीं किया जा रहा था। साथ ही पार्क में पदस्थ अन्य कर्मचारियों की भी लापरवाही उजागर हुई। मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए उप वनक्षेत्रपाल अशोक सिन्हा, वनपाल ममता परते, प्रतीमा लकड़ा, बिंदू सिंह तथा वनरक्षक फुलमनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

































