
बलरामपुर। बलरामपुर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत परसापानी के पास बुधवार तड़के करीब 3 बजे कार और पिकअप वाहन की टक्कर के बाद 8 बैलों के अवैध परिवहन का मामला सामने आया। दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने पिकअप वाहन की जांच की तो उसमें 8 बैल बेहद क्रूरता एवं अमानवीय तरीके से ठूंसकर भरे हुए मिले। ग्रामीणों का आरोप है कि बैलों को कथित रूप से इंजेक्शन लगाकर ले जाया जा रहा था।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और तत्काल राजपुर पुलिस को सूचना दी। सूचना पर थाना प्रभारी भारद्वाज सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने कार एवं पिकअप वाहन को अपने कब्जे में लेते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा पिकअप में भरे सभी 8 बैलों को सुरक्षित बाहर निकालकर उनके संरक्षण की व्यवस्था कराई।

पुलिस ने मामले में पिकअप चालक सुल्तान अंसारी (25 वर्ष), पिता सन उल्लाह अंसारी, निवासी कोटाम, थाना गुमला, जिला गुमला (झारखंड) तथा न्यासीद बख्श (21 वर्ष), पिता रमजान बख्श, निवासी थाना गुमला, जिला गुमला (झारखंड) के विरुद्ध अपराध दर्ज किया है।
थाना प्रभारी भारद्वाज सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि बैलों को कहां से लाया गया था और उन्हें कहां ले जाया जा रहा था। ग्रामीणों द्वारा लगाए गए कथित इंजेक्शन के आरोपों की भी जांच की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आरोपियों के विरुद्ध विधि सम्मत एवं वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
राजपुर पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281, 125(ए), 3(5) बीएनएस, पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(घ)तथा छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 तथा एमवी एक्ट की धारा 112/183 के तहत एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
घटना के बाद क्षेत्र में काफी देर तक लोगों की भीड़ लगी रही। स्थानीय लोगों ने बैलों की सुरक्षित देखभाल सुनिश्चित करने तथा अवैध पशु परिवहन पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



















